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Hardoi News: डीएम की पहल पर खिलखिलाए विद्यालय, अब इन विद्यालयों को भी अफसरों की गोद का इंतजार

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हरदोई। जिलाधिकारी अनुनय झा की पहल पर जिले के 67 परिषदीय विद्यालय मॉडल बन चुके हैं। निजी क्षेत्र की विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से डीएम की पहल को रफ्तार मिली तो हर तरफ इसकी चर्चा है। ऐसे में अब कई बदहाल विद्यालयों को जिम्मेदार अधिकारियों की गोद का इंतजार है। दरअसल डीएम की पहल पर जो विद्यालय मॉडल बने हैं इनको किसी न किसी अधिकारी ने गोद लिया है। संवाद न्यूज एजेंसी ने ऐसे विद्यालयों की पड़ताल की जिन्हें अफसरों की गोद का इंतजार है।
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केस-1
शहर स्थित प्राथमिक हिंदी पाठशाला का भवन जर्जर होने के कारण गिरा दिया गया था। पुर्ननिर्माण का काम चल रहा है। विद्यालय में 104 बच्चे पंजीकृत हैं। इन बच्चों को दो कक्षाओं में बैठाया जाता है। परिसर के बीच से ही बड़ा नाला निकला है। बारिश के कारण पूरे परिसर में जलभराव हो गया है। ऐसे में बच्चों को स्कूल आने-जाने में दिक्कत होती है। यहां कोई स्थायी शिक्षक तैनात नहीं है। दो शिक्षामित्रों के सहारे पढ़ाई हो रही है। कंपोजिट विद्यालय हरदेवगंज के शिक्षक योगेंद्र सिंह के पास विद्यालय का प्रभार है। बताया कि परिसर के बीच नाला होने के कारण जलभराव हो जाता है।

केस-2
भरावन विकास खंड के संविलियन विद्यालय नरोइया में भी जलभराव है। विद्यालय में 239 विद्यार्थियों का नामांकन है। विद्यालय का भवन सड़क से तीन फीट नीचे होने के कारण बारिश का पानी स्कूल परिसर में भर जाता है। पिछले दाे साल से विद्यालय के मुख्य परिसर और खेल मैदान में यही समस्या आ जाती है। आंगनबाड़ी कक्ष के सामने भी जलभराव हो जाता है। प्रधानाध्यापक फैजी अब्बास ने बताया कि समस्या के बारे में ग्राम प्रधान और सचिव को भी पता है। ग्राम विकास अधिकारी स्वाति शुक्ला ने बताया कि मिट्टी का भरान करा देंगे ताकि जलभराव न हो।
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केस-3
भरावन विकास खंड के पवायां प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय के भवन जर्जर हैं। यहां 82 विद्यार्थी नामांकित हैं। विद्यालय में चार मुख्य कक्ष और एक अतिरिक्त कक्ष है। बारिश के दौरान चारों कक्ष की छतें टपकती हैं। आलम यह है कि छत की सरिया तक दिखाई देने लगी है। अनहोनी से बचने के लिए सभी बच्चों को अतिरिक्त कक्ष में एक साथ बैठाकर पढ़ाया जाता है। इंचार्ज प्रधानाध्यापक संजीव पांडेय ने बताया कि विद्यालय की स्थिति के बारे में विभागीय अधिकारियों को बताया जा चुका है। प्राथमिक विद्यालय पवाया प्रथम की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका अमिता सैनी ने बताया कि विद्यालय में 72 छात्र-छात्राएं हैं। विद्यालय भवन पूरी तरह जर्जर होने के कारण विद्यालय से करीब 200 मीटर दूर उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर के आंगनबाड़ी केंद्र कक्ष में एक वर्ष से बच्चों की कक्षाएं संचालित हो रही हैं।

केस-4
हरपालपुर विकास खंड के बांसी में उच्च प्राथमिक विद्यालय है। इस विद्यालय में 83 बच्चों का दाखिला है। स्कूल जाने की सड़क बेहद खराब है। पूरी सड़क पर कीचड़ और दलदल है। दरअसल रास्ता कच्चा है और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों समेत अन्य वाहनों के आवागमन के कारण यहां गड्ढे हाे जाते हैं और बारिश होने पर रास्ते में दलदल हो जाता है। दावा किया कि उच्चाधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया जा चुका है।


परिषदीय विद्यालयों में जहां-जहां जलभराव है वहां पर मिट्टी का भरान कराने और जल निकासी की व्यवस्था करने और विद्यालय भवनों की मरम्मत के संबंध में पंचायती राज विभाग को पत्र लिखा जाएगा और समस्या का निदान कराया जाएगा। इसके साथ ही सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से ऐसे विद्यालयों के विषय में आख्या मांगी गई है जहां जलभराव या छत से पानी टपकने आदि की समस्या हो रही है। -प्रभाष कुंवर श्रीवास्तव, प्रभारी बेसिक शिक्षा अधिकारी
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