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ईश्वर के और करीब कर गए लॉकडाउन के अब तक के 29 दिन

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हरदोई। लॉकडाउन में लोग अपनी उपयोगिता और हुनर को साबित करन में लगे है। कोई रचनात्मक कार्यों से पर्यावरण व समाज को जागरूक कर रहा है। तो वहीं कुछ लोग शास्त्रों और ग्रंथों के अध्ययन से अपना आध्यात्मिक ज्ञान बढ़ाने के साथ देश व संसार के मंगल की कामना कर रहे हैं।
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जिले में लॉकडाउन ने लोगों को घरों में कैद सा कर दिया है। ऐसे में खाली समय का सदुपयोग करना कि सी चुनौती से कम नहीं है। ऐसे समय में लोग घरों में रहकर अपनी कला को निखार रहे हैं, कोई पेंटिंग बना रहा है तो कोई लकड़ी से सामान बनाने में लगा हुआ है। कई रंगाई, पुताई के कार्य कर रहे हैं। वहीं धर्म और शास्त्र में रुचि रखने वाले अपना समय धर्मग्रंथों के अध्ययन में व्यतीत कर रहे हैं।
शास्त्रों के जानकार उमाकांत अवस्थी का कहना है कि तीन साल पहले सावन माह में उन्होंने घर पर रहकर भगवत गीता पढ़ी थी। लॉकडाउन के शुरुआत में नवरात्र के चलते पहले तो मां की आराधना की। इसके बाद भगवत गीता पढ़ना शुरू कर दिया। मन में संतोष है जो वह बयां नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने घर में रखे पेड़ पौधों के गमलों की सफाई व रंगाई पुताई में भी समय दिया।
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शास्त्री सनत मिश्रा का कहना है कि हरदोई सुरक्षित रहे, इसकी कामना को लेकर उन्होंने नवरात्र में नौ चंडी देवी का अनुष्ठान किया तो उसके बाद से मृत्युंजय स्तोत्र के सवा लाख पाठ शुरू कर दिए जोकि 30 अप्रैल तक पूर्ण हो जाएंगे। उनका कहना है कि निश्चित रूप से आर्थिक क्षति चारों ओर है लेकिन पर्यावरण शुद्ध है। वातावरण में शांति है, इस समय को वह सिर्फ ईश्वर की भक्ति में ही लीन रहकर बिता रहे हैं व विश्व मंगल की कामना कर रहे हैं।
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