हरदोई। निपुण विद्यालय बनाने में उदासीनता बरतने वाले 36 प्रधानाध्यापकों को वेतन रोक दिया गया। निपुण भारत मिशन के लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि छह फरवरी को निपुण भारत मिशन की समीक्षा की गई। इसमें पाया गया कि नेट परीक्षा में ई ग्रेड में शामिल 36 विद्यालयों में शिक्षा के स्तर में कोई सुधार नहीं किया गया है। अभी भी विद्यालय ई ग्रेड में ही बने हुए हैं। निपुण विद्यालय बनाने में उदासीनता और शैक्षिक स्तर में सुधार न होने पर बीएसए ने सभी को फरवरी का वेतन रोक दिया है।
इनमें प्राथमिक विद्यालय गुलरी पोखरी, सरंगापुर, डिडवान सुरजनपुर, जीवनपुरवा, हरिसंगपुर, महोलिया, देवी पुरवा, शुक्लापुर, करीमनगर सैदापुर, नीर, लकड़हा, हीरगंज, उतरापुर, जूनियर कटियामऊ, प्राथमिक महरी, बेलवार,खेड़ा शामिल हैं।
इसके अलावा तेरिया, बहरैया, कैरमैर, मीरजापुर, उल्लामऊ, महामऊ, गढ़ी, जूनियर असही आजमपुर, संविलियन कचाना, प्राथमिक परसापुर, कोरौंध, भिखनीखेड़ा, भूपापुरवा, धर्मापुर, बरबटापुर, शिवरी, जूनियर हसुआ, प्राथमिक वजैपुर, संविलियन कुंवरपुर बसीठ, बैटगंज शामिल हैं।