हरदोई। बाल विकास पुष्टाहार विभाग अपने कार्यों को लेकर कितना संजीदा है, इसका पता कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों के परिवारों के पास शौचालय न होने की भेजी रिपोर्ट से होता है। डीएम के निर्देश पर पंचायत राज विभाग को उपलब्ध कराई रिपोर्ट में बाल विकास पुष्टाहार विभाग ने कुपोषित और अतिकुपोषित 2792 बच्चों के परिवारों के पास शौचालय न होने की रिपोर्ट दी थी, जब सत्यापन कराया गया तो मात्र 338 परिवार ही शौचालय विहीन मिले। हालांकि अभी दो ब्लाकों का सत्यापन बाकी है।
कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों के परिवारों को शौचालय उपलब्ध कराने के लिए डीएम अविनाश कुमार ने बाल विकास पुष्टाहार विभाग के अधिकारियों को शौचालय विहीन ऐसे परिवारों की सूची देने के निर्देश दिए थे। साथ ही उन्होंने पंचायत राज विभाग को भी निर्देश दिए थे कि शौचालय विहीन कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों के परिवारों को शौचालय का निर्माण कराने के लिए बजट की व्यवस्था कराई जाए।
इस पर बाल विकास पुष्टाहार विभाग ने 19 विकास खंडों के अतिकुपोषित 709 बच्चों के परिजनों के पास शौचालय न होने की रिपोर्ट पंचायत राज विभाग को सौंपी थी। पंचायत राज विभाग ने सत्यापन कराया तो 17 विकास खंडों में 88 बच्चों के परिवार ही शौचालय विहीन निकले, दो विकास खंडों में अभी सत्यापन नहीं हो पाया है।
इसी तरह कुपोषित श्रेणी के 2083 बच्चों के परिजनों के पास शौचालय न होने की रिपोर्ट बाल विकास पुष्टाहार विभाग ने पंचायत राज विभाग को दी थी। 17 विकास खंडों के सत्यापन में पता चला कि इनमें से सिर्फ 250 परिवार ही शौचालय विहीन हैं।
बाल विकास पुष्टाहार विभाग से सूची मिलने के बाद पंचायत राज विभाग ने उन्हें बजट देने की तैयारी भी कर ली, लेकिन डीपीआरओ ने बजट जारी करने से पहले संबंधित परिवारों का सत्यापन कराने के निर्देश कर्मचारियों को दिए।
सत्यापन के लिए गांव पहुंचे पंचायत राज विभाग के कर्मचारी सन्न रह गए। दरअसल जो सूची बाल विकास पुष्टाहार विभाग से दी गई थी, उनमें से ज्यादातर परिवारों के पास पहले से ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय बने थे और इनका इस्तेमाल भी किया जा रहा था।
ग्राम कसरावां निवासी फैजान के परिजनों के पास शौचालय न होने की जानकारी बाल विकास पुष्टाहार विभाग ने पंचायत राज विभाग को दी थी। शौचालय के लिए बजट जारी करने से पहले पंचायत राज विभाग ने कर्मचारियों के जरिये सत्यापन कराया तो फैजान के पिता मुईन और तराना से पहले से ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए बजट देने और शौचालय का निर्माण पूर्ण हो जाने की जानकारी मिली।
मदरावां के कोरिगवां आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकृत अनुराधा के परिजनों के पास भी शौचालय न होने की रिपोर्ट बाल विकास पुष्टाहार विभाग ने पंचायत राज विभाग को भेजी थी। इनको शौचालय के लिए बजट जारी करने से पहले सत्यापन कराया गया तो विभागीय कर्मचारी भी सकते में आ गए। जिस परिवार को शौचालय विहीन बताया गया था उसके यहां शौचालय भी मिला और परिवार ने शौचालय का इस्तेमाल करने की भी बात कही।
बाल विकास पुष्टाहार विभाग से जो सूची मिली थी, उसका सत्यापन कराया गया है। दो विकास खंडों को छोड़कर सभी की रिपोर्ट आ गई है। सूची में शामिल अधिकांश परिवारों के पास पहले से शौचालय हैं। जो परिवार शौचालय विहीन मिले हैं, उनको शौचालय निर्माण के लिए बजट भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।-गिरीश चंद्र, जिला पंचायत राज अधिकारी।
फोटो-15-मां तराना की गोद में फैजान अपने शौचालय से निकलता हुआ। संवाद- फोटो : HARDOI