शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान अपने मुकाम पर पहुंचने
से पहले धड़ाम हो जाता है। अभियान कहीं एक दो दिन चलने के बाद बंद हो जाता
है, तो कहीं किसी को तोड़ा किसी को छोड़ा के आरोपों में सिमट जाता है और
कहीं तो शुरू ही नहीं हो पाता, जिससे पैदल चलने वाले एवं साइकिल सवारों के
लिए विशेष रूप से बनाने वाले फुटपाथ अतिक्रमण के शिकार हैं।
अब इन
फुटपाथों को मुक्त कराने की जिम्मेदारी कौन निभाएगा और अतिक्रमण साफ होने
के साथ फुटपाथों को इंसाफ मिलेगा इसको लेकर प्रशासन पर निगाहें लगी हुई।
ज्ञात हो कि सिटी मजिस्ट्रेट लक्ष्मी शंकर सिंह ने बताया था कि 7 मई से 9
मई तक रेलवेगंज में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलेगा।
अतिक्रमण करने वालों पर
जुर्माना लगाया जाएगा। तीन दिन अभियान चलना था, पर एक भी दिन नहीं चल पाया। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट को कहना ही पड़ा कि पुलिस फोर्स न मिल पाने के
कारण अभियान न ही चल सका। अब रेलवेगंज में फुटपाथों पर किस कदर अतिक्रमण है
यह किसी से छिपा नहीं है।
इसके अलावा शहर का घंटाघर रोड प्रमुख मार्ग
है। इस मार्ग पर वर्षों से सड़क के दोनों ओर बसों एवं ट्रकों का फुटपाथ पर
कब्जा रहता है। सुबह हो या शाम दिन हो या रात, मार्ग पर दोनाें ओर फुटपाथों
पर बसें और ट्रक खड़े रहते हैं, पर इन वाहनों के कब्जों से फुटपाथ को
मुक्त कराया नहीं जा सका है।
उधर, अतिक्रमण हटाओ अभियान के प्रभारी सिटी
मजिस्ट्रेट लक्ष्मी शंकर सिंह ने कहा कि अतिक्रमण अभियान को लेकर जल्द ही
बड़े अफसरों से परामर्श करने के बाद चलाया जाएगा।