देश की सीमा पर रहकर भारत मां की सुरक्षा में जान की
बाजी लगा चुके रणबांकुरों के अंदर सेवानिवृत्त होने के बाद भी देश सेवा का
जज्बा कम नहीं होता, उसी तर्ज पर अब रक्षा मंत्रालय भी भूतपूर्व सैनिकों के
दुख दर्द बांटने को आगे आई है। कुमाऊं रेजीमेंट ने जिले के 53 भूतपूर्व
सैनिकों को चिह्नित कर दर्द पर मरहम लगाएगी।
जिला सैनिक कल्याण पुनर्वास
कार्यालय में शुक्रवार की देर शाम कुमांऊ रेजीमेंट की ओर से पहुंचे लांस
नायक सुदेश कुमार ने जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल लक्ष्मीकांत तिवार को
बताया कि रक्षा मंत्रालय के निर्देश एवं कुमाऊं रेजीमेंट के अफसरों द्वारा
लिए निर्णर्यों के अनुसार रेजीमेंट में सैनिक तैनात रह चुके हैं और
उनकी क्या समस्याएं हैं को सुलझाने का फैसला लिया गया है।
इस जिले के 53
रणबांकुरे रेजीमेंट में रहकर देश की सेवा कर चुके हैं। जिनकी सूची जिले को
उपलब्ध करा दी गई है। यदि किसी सैनिक परिवार को किसी तरह की कोई परेशानी हो
तो 20 मार्च को पुनर्वास कें द्र पहुंचकर शिकायतों को दर्ज करा सकता है।
इस
तिथि को रेजीमेंट की ओर से एक प्रतिनिधि भी इस कार्यालय में भेजा जाएगा।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने बताया कि यह एक अच्छी पहल है। जिसके बाद न
सिर्फ भूतपूर्व सैनिकों के परिवारों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि यदि इनकी कोई
समस्या होगी तो उसका भी निस्तारण हो सकेगा। उधर, इस पहल को सुनकर भूतपूर्व
सैनिकों के चेहरों पर संतुष्टि के भाव दिखाई दिए हैं।