पैसे के अभाव में बच्चे को इलाज को लखनऊ ले जाने के
लिए बिलख रही मां के आंसुओं को देख लोग द्रवित हो गए। एक साल के बीमार
बच्चे को जिला अस्पताल लेकर आए मां-बाप उस समय बिलख पडे़, जब उन्हें बताया
गया कि बच्चे को इलाज को तत्काल लखनऊ जाना पड़ेगा।
यह सुन बच्चे की मां
रोने लगी। बोली बीस रुपये पास में हैं, ऐसे में लखनऊ एंबुलेंस से लेकर अन्य
जरूरी चीजें कैसे मिल पाएगी। मां को रोता देख उधर, से गुजर रहे एक पत्रकार
ने उससे पूछा तो वह बोली कि पैसा होता तो कम से कम इलाज न करा पाने का
मलाल न रहता।
उसका बिलखना देख पत्रकार ने तत्काल अपने पास मुहैया पैसे देने
के साथ अन्य साथियों को सूचना दी तो सभी जिला अस्पताल पहुंचे और जिससे जो
आर्थिक सहायता बन पड़ी वह परिजनों के हाथ पर रखकर ढांढस बंधाया। इसी बीच
छुट्टी होने के बाद भी राउंड पर निकले सीएमओ डा. वीके गुप्ता को जानकारी
हुई।
डा. गुप्ता आकस्मिक चिकित्सा कक्ष में पहुंचे और बच्चे का चेकअप
करने के बाद हृदय संबंधी रोग को लेकर वहां मौजूद डॉक्टरों से परामर्श किया
और प्राथमिक उपचार कराने के साथ ही बच्चे को ट्रामा सेंटर लखनऊ तक पहुंचाने
को एंबुलेंस की व्यवस्था कराई।
डॉक्टरों, फार्मेसिस्ट एवं नर्स स्टाफ आदि
ने भी अपने स्तर से आर्थिक सहायता प्रदान कर परिजनों को सांत्वना दी और
एंबुलेंस को लखनऊ रवाना कराया। यह देखकर जिला अस्पताल में लोगों की भीड़ लग
गई और सभी ने बच्चे के स्वस्थ होने की कामना की।