हरदोई। गांवों में कराए काम और भुगतान में गड़बड़ी पर ऑडिट आपत्तियों का परिपालन न कराने वाले पंचायत सचिवों के साथ प्रधानों से भी वसूली जाएगी। विधानसभा की पंचायतीराज समिति और डीएम के आदेश पर डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने पंचायत सचिवों से वसूली किए जाने के आदेश दिए हैं। साथ ही अब तक ऑडिट आपत्ति का निराकरण न कराने पर कार्रवाई की संस्तुति की है।
ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त आयोग की मद में किए गए भुगतान में गड़बड़ी पर सहकारी समितियां और पंचायत लेखा परीक्षा विभाग के जिला लेखा परीक्षा अधिकारी ने आपत्तियों के परिपालन के लिए पंचायतीराज विभाग को आख्या दी थी। डीपीआरओ ने बतया कि साल 2021-22 में बावन की ग्राम पंचायत सुहेड़ी में 7,58824 रुपये की गड़बड़ी मिली थी। जिसके लिए तत्कालीन प्रधान मनप्रीत कौर और पंचायत सचिव लक्ष्मी नारायण को दोषी बताया गया है।
परिपालन के आदेश के बाद भी आपत्ति का निराकरण न कराए जाने से प्रकरण लंबित है। बताया कि मल्लावां बीडीओ से कहा गया है कि पंचायत सचिव लक्ष्मी नारायण से 3,79,412 रुपये ग्राम निधि खाता प्रथम में जमा कराना सुनिश्चित करें। रुपये जमा न किए जाने पर बकाया भू-राजस्व की भांति वसूली की जाएगी। वहीं डीडीओ को भेजे पत्र में वर्तमान पंचायत सचिव अवनीश कश्यप की दो स्थाई वेतन वृद्धि बाधित किए जाने की संस्तुति की है।
बताया कि सांडी की ग्राम पंचायत तेरापुरसौली में साल 2021-22 में 24,37,672 रुपये की गड़बड़ी के लिए तत्कालीन प्रधान वैशाली और पंचायत सचिव गौरव जगदीश मिश्रा दोषी हैं। बीडीओ बावन से कहा गया है कि पंचायत सचिव गौरव जगदीश मिश्रा से 12,18,836 रुपये ग्राम निधि खाता प्रथम जमा कराना सुनिश्चित कराएं। डीडीओ को पत्र भेजकर वर्तमान पंचायत सचिव राजेश मिश्रा की दो स्थाई वेतन वृद्धि पर रोक लगाने की संस्तुति की है।