जिलाधिकारी रमेश मिश्र ने राजस्व वसूली की खराब
प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लक्ष्य के अनुरूप राजस्व की
वसूली की जाए। उन्होंने एआईजी स्टांप को निर्देश दिए कि जिन रजिस्ट्रारों
की राजस्व वसूली लक्ष्य से कम है, उनकी विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि की जाए।
वह
सोमवार को कर करेत्तर कार्यों की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। इधर, तहसील
स्तरीय अफसरों की बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि जिन गांवों में चकबंदी
प्रक्रिया चल रही, वहां अविवादित विरासत के मामले लंबित चल रहे हैं,
उन्हें तत्काल दूर करें। यदि इस कार्य में कोई लापरवाही बरतेगा तो सख्त
कार्रवाई होगी।
कलक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने आबकारी,
परिवहन, वाणिज्य कर विभाग की वसूली लक्ष्य के अनुरूप कम पाने पर संबंधित
विभाग के अफसरों को विशेष प्रतिकृल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। कहा कि
शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली की जाए।
जिन
विभागों का लक्ष्य अत्यधिक विवादित हो गया है वह लक्ष्य को संशोधित कराएं।
राजस्व वसूली लक्ष्य से कम पाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। बैठक मेें मनोरंजन
कर, विद्युत, मंडी समिति, नगर पालिका, नगर पंचायत सहित अन्य विभागों की
राजस्व वसूली की समीक्षा की गई।
इस दौरान एडीएम लक्ष्मी शंकर सिंह, नगर
मजिस्ट्रेट जितेंद्र मोहन सिंह, एसडीएम संडीला संजीव सिंह, एसडीएम सदर
पप्पू गुप्ता, शाहाबाद एसडीएम मंशाराम वर्मा, बिलग्राम एसडीएम पीपी तिवारी
आदि मौजूद थे। इधर, तहसील स्तरीय व चकबंदी विभाग के अफसरों के साथ हुई बैठक
में डीएम ने कहा कि निरीक्षण के दौरान कई तहसीलों में चकबंदी प्रक्रिया के
चल रहे ग्राम सभाओं में उत्तराधिकार संबंधी मामलों में अविवादित विरासत
दर्ज नहीं की जा रही है।
नियमानुसार मृतक के उत्तराधिकारी को 15 दिन में
विरासत दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने सभी तहसीलदारों से एक सप्ताह में
रिपोर्ट मांगी थी कि उनके तहसील क्षेत्र में ऐसे कितने मामले लंबित चल रहे
है। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में लेखपाल स्तर पर लापरवाही चल रही,
निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।