हरदोई। मृतक किसान को अविवाहित दर्शाकर आश्रित पत्नी और दो बच्चों को भूमि और सरकारी आर्थिक मदद से वंचित करने के लिए संडीला एसडीएम समेत तीन के विरुद्ध कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने संस्तुति की है।
उन्होंने संडीला एसडीएम उस समय तहसील सवायजपुर एसडीएम रहीं डॉ. अरुणिमा श्रीवास्तव के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति भेजी है, जबकि उस समय तहसीलदार का कामकाज देख रहे नायब तहसीलदार राजेश कुमार और कटियारी के नायब तहसीलदार अनेक सिंह के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए राजस्व परिषद को पत्र भेजा है।
तहसील सवायजपुर के बारामऊ गांव निवासी किसान उपेश की मौत 12 जुलाई 2024 को नदी के पानी में डूबने से हो गई थी। राजस्व विभाग और चकबंदी विभाग के जिम्मेदारों ने मृतक किसान उपेश को अविवाहित दर्शा दिया। इससे उपेश की आश्रित पत्नी माधुरी और पुत्र माहिर और सार्थक को भूमि और कृषक दुर्घटना बीमा योजना आदि के लाभ से वंचित कर दिया गया। इस मामले में डीएम ने एडीएम न्यायिक प्रफुल्ल त्रिपाठी और अतिरिक्त मजिस्ट्रेट राकेश सिंह से जांच कराई। जांच में मामला खुल गया। माधुरी उपेश की पत्नी और माहिर और सार्थक पुत्र हैं।
गांव के ही एक बिचौलिए ने अधिकारियों के साथ मिलकर गड़बड़ी कराई। अधिकारियों की जांच रिपोर्ट में सवायजपुर की तत्कालीन और वर्तमान में संडीला एसडीएम एसडीएम डॉ. अरुणिमा श्रीवास्तव, उस समय तहसीलदार का कामकाज देख रहे नायब तहसीलदार राजेश कुमार, कटियारी के नायब तहसीलदार अनेक सिंह, राजस्व निरीक्षक राजेश कुमार शुक्ला, लेखपाल विपिन कुमार, चकबंदी विभाग के चकबंदीकर्ता और लेखपाल के साथ उपेश की मां पुतानी उर्फ पुतन्नी, बड़े भाई मुल्ला और प्रधान जगपाल सिंह आदि दोषी पाए गए थे। सवायजपुर एसडीएम संजय कुमार अग्रहरि ने नायब तहसीलदार समेत छह के विरुद्ध अरवल थाना पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है। राजस्व निरीक्षक समेत तीन को निलंबित किया जा चुका है।