हरदोई। खेतों में गन्ने की फसल तैयार खड़ी है। देवोत्थान एकादशी में (11 नवंबर) शुभ मुहूर्त से किसान फसल की कटाई शुरू कर देंगे लेकिन अभी तक चीनी मिलों ने पेराई सत्र की तारीखें तय नहीं की हैं। न ही गन्ना क्रय केंद्र बनाए गए हैं और न ही पर्चियां बांटी गई हैं। पेराई सत्र में देरी होने से किसानों की धड़कनें बढ़ रही हैं। जिस तरह से उपज बढ़ी है और मिलें पेराई सत्र में देरी कर रही हैं उससे मारामारी बढ़ने की आशंका है।
पिछले कुछ वर्षों में भुगतान में देरी और अन्य समस्याओं के चलते जिले में गन्ने का रकबा काफी घट गया है। इस साल 37504 हेक्टेयर में गन्ने की बुआई की गई है। पिछले साल करीब 200 लाख क्विंटल गन्ने की पैदावार हुई थी। इस बार अच्छी बारिश के चलते करीब 20 लाख क्विंटल पैदावार होने की उम्मीद है। फसल तैयार हो चुकी है। जिले के किसान देवोत्थान एकादशी पर शुभ मुहूर्त पर गन्ने की कटाई शुरू कर देते हैं।
इसको कुछ ही दिन बचे हैं लेकिन मिलों ने अभी तक पेराई सत्र की तरीखें तय नहीं की हैं। पिछले साल नवंबर के आखिर में पेराई सत्र शुरू हुआ था और भुगतान भी काफी देरी से हुआ था। इससे किसान खासे परेशान हुए थे। तीन साल नवंबर के प्रथम सप्ताह तक पेराई सत्र शुरू हो जाता था। तीन साल से लगातार पेराई सत्र और भुगतान में देरी से किसान परेशान हो रहे हैं। इससे गन्ने का रकबा लगभग 15 हजार हेक्टेयर घट गया है।
इस बार अच्छी फसल देख उम्मीदें लगाए हैं। किसान मिलों से पेराई सत्र की तारीखें तय न होने से परेशान दिख रहे हैं। सहोरा के किसान सुबोध कुमार सिंह, सकतपुर के शिव कुमार, सकहा के अजय प्रताप और मछरेता के राम कुमार तिवारी ने बताया कि गन्ना देरी से कटने पर हल्का हो जाएगा। इससे किसानों को खासा घाटा होगा। मिलों को समय पर पेराई सत्र अब तक शुरू कर देना चाहिए था।
जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि सभी मिलों में जल्द ही पेराई सत्र शुरू हो जाएगा। मिलों से कार्यक्रम जारी कराए जा रहे हैं। जिन किसानों तक पर्ची नही पहुंचेगी उनके गन्ने की खरीद एसएमएस वेस्ड पर्ची से भी होगी। किसानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
बघौली चीनी मिल पर किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर प्रशासन के तेवर कड़क नहीं हो पा रहे हैं। चीनी मिल के खिलाफ आरसी जारी हुए लंबा अरसा बीत चुका है । तहसील प्रशासन चीनी के स्टॉक को अपनी निगरानी में बिक्री करा रहा है ।
इसके बाद भी वर्ष 2014- 2015 का किसानों का गन्ना भुगतान करीब 16 करोड़ 98 लाख बकाया है । जब कि पेराई सत्र 2015- 2016 का भी लगभग एक करोड़ 39 लाख बकाया है । पेराई सत्र 2016- 2017 का समय शुरू हो चुका है और पुराना बकाया भुगतान सिस्टम को आइना दिखा रहा है ।
एसडीएम सदर सर्वेश गुप्ता ने बताया कि बघौली चीनी मिल के खिलाफ आरसी आने के बाद एक साल पहले मिल की 5426 क्विंटल चीनी सीज कर उसकी बिक्री निगरानी में कराकर भुगतान गन्ना समिति के माध्यम से किसानों का कराया जा रहा है।