हरदोई। 10 साल पुराने दुष्कर्म के मामले में एक शख्स को दोषी करार देते हुए अपर जिला जज हेमेंद्र कुमार सिंह (कोर्ट संख्या 15) ने 10 वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही 28 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। जुर्माने की 75 फीसदी रकम बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को देने के आदेश भी दिए हैं।
हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला 29 मई 2014 की सुबह करीब चार बजे घर के पास में ही बने शौचालय में शौच करने गई थी। वहीं से हाथरस जिले के थाना हसायन क्षेत्र के गांव नगला डाढ़ निवासी मुनेश व फतेहपुर जिले के हुसैनगंज थाना क्षेत्र के मवई गांव निवासी मुनीश ने मुंह पर रुमाल रखकर बेहोशकर अपरहण किया था। इसके बाद फतेहपुर ले गए थे। वहां आठ दिन तक बंधक बनाकर दुष्कर्म किया था। इसके बाद हाथरस ले गए थे।
पुलिस ने वहीं से दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। विचारण के दौरान मुनेश 2019 से कहीं गायब हो गया। इसके बाद इसकी पत्रावली अलग कर दी गई। पूरे मामले की सुनवाई पूरी कर अपर जिला जज ने फतेहपुर के मुनीश को दुष्कर्म का दोषी मानते हुए 10 वर्ष की सजा सुनाई है।
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पिता ने ससुरालियों पर हत्या कर शव गायब करने का लगाया था आरोप
पीड़िता के पिता ने कोतवाली हरपालपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव निवासी व्यक्ति के साथ 11 फरवरी 2010 को अपनी पुत्री की शादी की थी। शादी के बाद से ही दहेज की मांग करते थे। न देने पर आए दिन मारपीट भी करते थे। बताया कि पुत्री के ससुर गलत नीयत भी रखते थे। इसकी रिपोर्ट पहले दर्ज कराई थी।
लोक लाज के भय से समझौता हो गया था। 19 मई 2014 को दामाद का फोन आया था कि सुबह करीब चार बजे उसकी पुत्री शौच के लिए गई थी तब से लापता है। पिता ने हत्या कर शव गायब करने की आशंका जताते हुए ससुर, सास देवर, दामाद के मामा के खिलाफ दहेज एक्ट व अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना में दुष्कर्म का मामला सामने आया था।