हरदोई। नुमाइश मैदान में चल रही रामलीला में रविवार को कलाकारों ने मेघनाद व कुंभकरण वध की लीला का मंचन किया। कुंभकरण व मेघनाद का वध होते ही पूरा पंडाल जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा।
लीला के शुरू होने से पूर्व कथा व्यास विष्णु कुमार दत्तात्रेय ने कथाओं को सारगर्भित वर्णन किया। मंचन में दिखाया कि हनुमान हिमालय से संजीवनी बूटी लेकर आए। जिसके रस के उपचार से लक्ष्मण जी ठीक हो जाते हैं। इधर जब लंका पति रावण को इसके बारे में पता चलता है तो वह अपने छोटे भाई कुंभकरण को जगवाता है। कुंभकरण को जगवाने के दौरान की लीला को बड़े ही प्रभावपूर्ण ढंग से मंचन किया। जिसको देखकर काफी हास्य भी उत्पन्न हुआ और लोगों ने मंचन का बड़ा ही आनंद लिया।
कथा व्यास ने सुनाया कि सुनि दसकंधर वचन, तब कुंभकरन बिलखान। मंचन के दौरान कलाकारों ने दिखाया कि कुंभकरण के जगने के बाद रावण पूरा वृतांत बताते हैं। जिसे सुनकर कुंभकरण कहता है कि हे रावण क्या तुम्हारे बुद्धि भ्रष्ट हो गई और उसे समझाता है। लेकिन रावण उसे मांस व मदिरा खिलाकर उसकी मति भ्रष्ट कर देता है। कुंभकरण रणभूमि पहुंचता है और वानरों का वध करता है। यह देखकर श्रीराम युद्ध में पहुंच कर कुंभकरण का वध कर देते हैं।
रावण को समाचार मिलता है तो वह चिंतित होता है। पिता की चिंता को देखकर मेघनाद मां निकुंभला का अनुष्ठान कर युद्ध को जीतने के लिए वर मांगने पहुंचता है लेकिन लक्ष्मण और वानर सेना उसके अनुष्ठान में भंग कर देते हैं। लक्ष्मण और मेघनाद के बीच युद्ध होता है, जिसमें लक्ष्मण के हाथों मेघनाद का वध हो जाता है। कलाकारों ने बड़े ही प्रभावपूर्ण ढंग से लीलाओं का जीवंत मंचन कर लोगों को भाव विभोर कर दिया।
इस मौके पर आयोजक राम प्रकाश शुक्ला, कृष्ण अवतार दीक्षित बाले, वियोग चंद्र मिश्र सहित काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। इसके साथ ही कलाकारों ने शनिवार की देर शाम नुमाइश मैदान स्थित मेला ग्राउंड में श्रीरासलीला का मंचन किया गया। जिसको देख भक्त भाव विभोर हो गए। इस मौके पर काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।