हरदोई। बारिश न होने के कारण किसान चिंतित हैं । एक ओर जहां खरीफ की फसलों के लिए इंजन बोरिंग से सिंचाई करनी पड़ रही है तो दूसरी ओर धान की बेड आदि तैयार करने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। सबसे ज्यादा नुकसान गन्ने की फसल को हो रहा है। तेज धूप के बीच सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी न मिलने से गन्ने का रस सूखने से गुणवत्ता प्रभावित होने की संभावनाएं प्रबल है। बारिश न होने से किसानों के लिए निजी साधनों से गन्ने की भरपूर सिंचाइ कर पाना संभव नहीं हो रहा है।
जिले में इस वर्ष करीब 38 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती हो रही है। अगर जल्द ही बारिश न हुई तो गन्ने पर विपरीत असर पड़ सकता है। जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार ने कहा कि यह सही है कि गन्ने की फसल के लिए भरपूर पानी की उपलब्धता नहीं हो पा रही है जिससे इसका असर उत्पादकता पर पड़ेगा। वहीं, जिले में हर वर्ष करीब 1.5 लाख हेक्टेयर में होने वाली धान की फ सल के लिए भी मुश्किलें बढ़ती जा रही है।
बारिश न होने से किसानों को धान की रोपाई करने के लिए पौध बनाने में काफी परेशानी हो रही है। ज्यादातर किसान पौध बनाने के लिए बारिश का इंतजार कर रहे हैं। इससे धान की रोपाई में विलंब हो सकता है। जिसका सीधा असर धान की उत्पादकता पर पड़ेगा। इसी तरह से मक्के की फसल पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे है। औसतन दस हजार हेक्टेयर क्षेत्र में हो रही इस फसल को बचाने के लिए किसान सिंचाई की व्यवस्था करने को लेकर, परेशान हैं।
पुरवा हवाओ से उमस
हरदोई। पुरवा हवाओं ने वातावरण में उमस बना दी है। कुछ देर के लिए बदली छाए रहने से पारा 38 डिग्री पर आ गया जिससे लोगों को कुछ समय के लिए तेज धूप से तो राहत मिली मगर पुरवा हवा के कारण बनी उमस से लोग देर शाम तक परेशान रहे। सबसे ज्यादा परेशानी तब हुई जब रोस्टर के अनुसार बिजली कट गई तथा उमस लोगों पर भारी पड़ने लगी। आज तापमान का अधिकतम स्तर 38.0 तथा न्यूनतम 28.0 डिग्री सेल्सियस रहा ।