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Hardoi News: बारिश ने छीना आशियाना, चार हजार मिला मुआवजा

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फोटो 21: बावन में बरसात से गिरा रामकिशोर का कच्चा मकान। संवाद  
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हरदोई। बड़े अरमानों से हर कोई अपना आशियाना बनाता है। मकान कच्चा हो या पक्का हर परिवार की चाहत होती है कि उसका घर सुरक्षित और टिकाऊ रहे। इस बार करीब एक दशक बाद हुई झमाझम बरसात ने कई परिवारों के आशियाने छीन लिए। घर गिरने के बाद पीड़ित परिवारों के सामने सिर छिपाने के साथ गृहस्थी को सुरक्षित रखने का संकट खड़ा हो गया है।
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विडंबना यह है कि दैवी आपदा मद से मिलने वाली सहायता भी पीड़ितों के जख्मों का मरहम नहीं बन पा रही है। अगस्त से सितंबर माह के पहले सप्ताह तक बारिश के कारण घर गिरने की 36 घटनाएं दर्ज की गईं। घरगिरी के पीड़ितों को 1.66 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया। यह सहायता इतनी कम है कि कई परिवारों के लिए इससे अस्थायी रूप से तिरपाल डालकर रहने की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो गया है।

बरसात से अचानक आशियाना गिरने के बाद लोगों के सामने बच्चों, बुजुर्गों और घरेलू सामान को सुरक्षित रखने की समस्या आई है। बारिश थमने के बाद भी पीड़ित परिवारों की मुश्किलें कम नहीं हुईं। घर पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं उनके सामने दोबारा बनवाने के लिए आर्थिक संसाधन जुटाना कठिन है। कच्चे मकानों की छत और दीवारों के ढहने से हुए नुकसान से अधिक घर-गृहस्थी और खुद को सुरक्षित छांव देने की चिंता में इन परिवारों ने पन्नी और तिरपाल आदि डालकर बचाव के इंतजाम किए हैं।
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केस एक

तहसील सवायजपुर के भटौली धारम निवासी आशा देवी का कच्चे मकान का एक भाग कई दिनों तक रुक-रुक कर हुई बरसात के चलते एक सितंबर को भरभराकर बैठ गया। मकान ढह जाने से गृहस्थी आदि समेटने और सुरक्षित रखने के लिए पन्नी और तिरपाल का सहारा लेना पड़ा। दैवी आपदा मद में उन्हें चार हजार रुपये की मदद दी गई।


केस दो

तहसील बिलग्राम के अहमदापुर निवासी सुदामा का कच्चा मकान है। लगातार कई दिनों तक हुई बरसात में मकान के भीग जाने से इनके मकान का एक भाग एक सितंबर को ढह गया। इससे घर-गृहस्थी के सामान को भी नुकसान हुआ। बरसात के दौरान घर-गृहस्थी को समेटने के साथ ही भविष्य की चिंता सताने लगी। दैवी आपदा मद में इन्हें भी चार हजार रुपये का मुआवजा दिया गया।


व्यवस्था के भी बंधे हैं हाथ

आपदा राहत मद में श्रेणीवार नुकसान पर पीड़ितों की मदद के लिए एक निर्धारित व्यवस्था है। पीड़ितों के संबंध में एसडीएम से रिपोर्ट ली जाती है। उसी पर नियमानुसार आर्थिक सहायता दी जाती है। शासन ने बरसात, बाढ़ व दैवी आपदा से होने वाले नुकसान के लिए श्रेणीवार मुआवजा राशि तय की है। इससे अधिक रुपये नहीं दिए जाते हैं। -दीपाली भार्गव, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व

मुख्यमंत्री आवास योजना से दिलाया जाता है लाभ

आपदा प्रभावित ऐसे परिवार जिनके मकान बाढ़ या बरसात के कारण नष्ट हो गए हैं। ऐसे परिवारों की सूची राजस्व विभाग के माध्यम से प्राप्त की जाती है। इन परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना में लाभान्वित कराया जाता है, बशर्ते इन परिवारों ने किसी अन्य मद में सरकार से आर्थिक सहायता न ली हो। राजस्व विभाग से ही इस बात का प्रमाण पत्र भी लिया जाता है। पात्र परिवारों की सूची संबंधित ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी को प्राप्त कराते हुए आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराई जाती है। पिछले साल के आपदा प्रभावित परिवारों को आवास दिए जा चुके हैं इस साल की सूची भी जल्द ही प्राप्त की जाएगी। -नेहा ब्याडवाल, मुख्य विकास अधिकारी

फोटो 21: बावन में बरसात से गिरा रामकिशोर का कच्चा मकान। संवाद  

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