हरदोई। जिले में बारिश ने पिछले कई दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। शहर में बीते 31 घंटे के भीतर 250.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो वर्ष 1960 के बाद 24 घंटे में हुई सर्वाधिक बारिश बताई जा रही है। लगातार हुई मूसलाधार बारिश से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। सड़कें पानी से लबालब हो गईं और कई स्थानों पर फुटपाथ भी जलमग्न हो गए। लगातार बारिश से मोहल्ले टापू बन गए और घरों में भी पानी घुस गया।
बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात ने पश्चिमी विक्षोभ के साथ मिलकर जिले में जमकर मूसलाधार बारिश की। शुक्रवार से शुरू हुई बारिश पूरे दिन होती रही। यह सिलसिला रात भर चला और शनिवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। दिन भर पानी बरसा और शाम को तीन बजे के बाद कुछ कम हुआ। हालांकि, इसके बाद भी बूंदाबांदी जारी रही।
बता दें कि आसमान से बरसी आफत ने जिले में पिछले 66 वर्षों का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। मौसम वेधशाला प्रेक्षक आरसी वर्मा ने बताया कि शुक्रवार की सुबह साढ़े आठ बजे से शनिवार साढ़े आठ बजे तक 214.6 मिलीमीटर बारिश हुई जो वर्ष 1960 में एक दिन में हुई थी। सुबह के बाद भी बारिश का दौर नहीं थमा और शाम पांच बजे तक 36.2 मिमी के साथ कुल 250.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस कारण शहर से लेकर देहात तक जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है। सड़कें नदियों में तब्दील हो गईं और निचले मोहल्लों और मुख्य बाजारों तक जलभराव ने लोगों को परेशान किया। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से तार टूटने व मार्ग प्रभावित होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
फुटपाथ जलमग्न, सड़क-नाली में नहीं रहा अंतर
लगातार बारिश के चलते पूरे शहर में चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी दिखाई दिया। शहर की प्रमुख सड़कों के किनारे बने फुटपाथ पूरी तरह डूब चुके हैं। स्थिति यह है कि नाली और सड़क के बीच का अंतर पूरी तरह खत्म हो गया है, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा लगातार बना रहा। सबसे अधिक दिक्कत राहगीर और वाहन चालकों को हुई।
बाजारों में सन्नाटा, थमी रफ्तार
सुबह से जारी मूसलाधार बारिश के चलते शहर की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। सिनेमा रोड, नुमाइश चौराहा, बड़ा चौराहा और रेलवे गंज समेत तमाम इलाकों में दुकानों के सामने घुटनों तक पानी भर गया। बाजारों में खरीदारों की चहल-पहल गायब रही और केवल वही लोग बाहर निकले जिन्हें अति आवश्यक काम था।
घरों में घुसा पानी, निकाय व्यवस्था की खुली पोल
शहर के तमाम मोहल्लों में घरों के अंदर पानी घुस गया। घर में जलभराव होने से लोगों का जीना दूभर हो गया है। कई घरों और दुकानों में पानी घुसने से लोग बाल्टी-मग्गों और वाइपरों से पानी निकालते दिखाई दिए। शहर में जल निकास की बेहतर व्यवस्था न होने की वजह से नगर पालिका के तमाम दावों की पोल बड़ी बारिश में बह गए।
बारिश के बाद तापमान में दर्ज हुई बड़ी गिरावट
शुक्रवार की सुबह से शुरू हुई बारिश के चलते शहर के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वेधशाला प्रेक्षक के अनुसार, बृहस्पतिवार को जहां अधिकतम तापमान 31 दर्ज किया गया था। वहीं, शुक्रवार को तापमान घटकर 24 डिग्री और शनिवार को 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। इसी प्रकार न्यूनतम तापमान में दो दिन पहले की अपेक्षा पांच डिग्री की कमी होकर 16 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। वहीं उत्तर पश्चिम दिशा की तरफ से 10 किमी प्रति घंटे की हवाएं चली हैं। इस वजह से कई स्थानों पर पेड़ भी गिरे हैं।