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दो हजार के लिए लगाई चार घंटे लाइन

Sun, 27 Nov 2016 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
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पुलिस लाइन स्थित स्टेट बैंक के ई-कार्नर पर रुपये निकालने को लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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हरदोई।  एसबीआई के एटीएम को छोड़कर अन्य बैंकों के एटीएम के शटर रविवार को पैसा लोड न होने से डाउन रहे। एसबीआई ने केवल शहर के 10 एटीएम में ही रविवार को पैसा लोड कराया, जबकि पैसा लोड न होने से इस बैंक के देहात में लगे एटीएम भी दोपहर बाद बंद हो गए। जो एटीएम चल रहे थे उनमें शाम तक लाइनें लगी रहीं। दो हजार रुपये के लिए लोगों को चार-चार घंटे तक लाइन में लगना पड़ा। 
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नोटबंदी के कारण 19वें दिन भी बैंकिंग व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। शनिवार और रविवार को बैंकों में अवकाश होने से लोग केवल एटीएम के सहारे रहे। जिले में कुल अलग-अलग बैंकों के 105 एटीएम हैं। इनमें केवल एसबीआई के ज्यादातर एटीएम मेें शनिवार को पैसा लोड किया गया था। रविवार को एटीएम खुलने के दो तीन घंटे बाद ही गांवों, कसबों में लगे एसबीआई के 30 एटीएम भी ठप हो गए।   शहर के 10 एटीएम में रविवार को भी पैसा लोड किया गया। अन्य बैंकों के एटीएम बंद होेने से एसबीआई के एटीएम में लंबी लंबी लाइनें लगी रहीं। इससे कई कई घंटे बाद लोगों का नंबर आया। एसबीआई के रेलवे स्टेशन पर एटीएम पर लाइन में दोपहर करीब 12 बजे खड़े राजू, अमर सिंह, दिनेश पाल ने बताया कि दो घंटे से लाइन में लगे हैं, अभी तक नंबर नहीं आया है।
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  अगर सभी बैंक के एटीएम में पैसा निकलने लगे तो दिक्कत दूर हो जाएगी। एसबीआई मुख्य शाखा के एटीएम पर लाइन में लगे धीरज कुमार, अजय प्रताप और रुद्रप्रताप सिंह ने बताया कि सुबह 11 बजे ही आ गए थे। डेढ़ बज रहा है अभी तक पैसा नहीं मिला है। पैसा निकालकर निकले रामकुमार ने बताया कि 10 बजे लाइन में लगा था, डेढ़ बजे नंबर आया है।   साढ़े तीन घंटे बाद दो हजार रुपये मिल पाया है। एसबीआई सिनेमा रोड एटीएम से रुपये निकलकर बाहर निकले हेमंत ने बताया कि 11बजे आया था, लंबी लाइन लगी थी।  पौने दो बजे हमारा नंबर आया है। 2 हजार रुपये के लिए पौने तीन घंटे से लाइन में खड़े थे। राजाबक्श, अनुज आदि ने बताया कि कई बार सर्वर डाउन हो गया। इससे भी दिक्कत आ रही है।   एसबीआई सिनेमा रोड के दूसरे एटीएम की लाइन में खडे़े अनुराग, राधाकृष्ण और सुरेश ने बताया कि अन्य बैंकों के एटीएम में भी पैसा निकलने लगे तो बहुत हद तक दिक्कत खत्म हो जाएगी। बैंकों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। एसबीआई के मुख्य शाखा प्रबंधक राकेश चंद्रा ने बताता कि एटीएम में रुपया डलवाने के लिए रविवार को भी मुख्य शाखा खुली रही। उन्होंने बताया कि शहर के सभी एटीएम में पर्याप्त रुपया डलवाया गया। जिससे लोगों को दिक्कत न हो।     

नौ नवंबर से बैंकों में बढ़ी भीड़ के बाद से यहां के एटीएम लगातार खाली हैं। एसबीआई के एटीएम पर लगातार ताला है तो बैंक आफ इंडिया और इंडिया कम्पनी के एटीएम में नोटबंदी के बाद से अब तक पैसा नहीं डाला जा पाया। एजीबी की शाखाओं से पैसा न मिलने से लोग परेशान हैं। किसान से लेकर किसान बुवाई, खाद- बीज और शादी व्याह के मौकों पर आवश्यक खर्चों को लेकर बेहद परेशान हो रहे हैं। 


 एसबीआई और बैंक ऑफ इंडिया को एसबीआई की ओर से 11 करोड़ मिले हैं। इसमें दो हजार और 100 रुपये के नोट हैं। बैंक ऑफ इंडिया अपने छह करोड़ में एक करोड़ रुपये ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त को देगा। इससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। 
बैंक ऑफ इंडिया जिले का लीड बैंक है। ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त को भी यही बैंक पैसा देता है। एलडीएम नवीन चंद्रा ने बताया कि हमारी और एजीबी की शाखाओं के लिए रोज 30 करोड़ रुपये की जरूरत है। इसी के आधार पर डिमांड भेजी गई थी लेकिन रिजर्व बैंक से महज 6 करोड़ रुपये भेजे हैं। इसमें 2 हजार और 100 के नोट हैं। उन्होंने बताया कि 500-500 रुपये के नोट नहीं आए हैं। सोमवार और मंगलवार को इससे अधिक रुपया आने की उम्मीद है। एसबीआई मुख्य के शाखा प्रबंधक राकेश चंद्रा ने बताया कि 40 करोड़ रुपये की डिमांड भेजी गई थी। इसमें महज 5 करोड़ रुपये ही मिले हैं।
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