जनसेवा केंद्र को सील करती राजस्व टीम
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तहसील परिसर के पास ही प्रशासन की नाक के नीचे प्रमाणपत्रों के नाम पर जनसेवा केंद्र संचालकों के द्वारा अवैध धन वसूली की जा रही थी। सीडी और अन्य साक्ष्यों के साथ डीएम व ऑनलाइन शिकायत होने पर तहसील प्रशासन हरकत में आ गया। तहसीलदार ऊषा सिंह ने छापामार कार्रवाई करते हुए जनसेवा केंद्र को सील कर दिया और वहां से कुछ संदिग्ध कागजों को जब्त कर लिया है।
जिरौली धूमसिंह मंडल के भाजपा आईटी सेल के संयोजक पंकज कुमार आदि ने पिछले दिनों डीएम से शिकायत की थी कि तहसील पर चल रहे जनसेवा केंद्रों ने लूट खसूट मचा रखी है। प्रमाणपत्रों के नाम पर किसानों व आम जनता से खुलेआम अवैध धन की वसूली की जा रही है। 30 रुपये सरकारी फीस के एवज में प्रमाणपत्र बनाने के नाम पर तीन हजार रुपये तक वसूले जाते हैं। आय प्रमाणपत्र पर मनमाफिक आय की रिपोर्ट लगवाने की गारंटी भी ली जाती है। इसमें तहसील के कुछ कर्मचारियों के शामिल होने का भी आरोप था। शिकायत के साथ अवैध धन की मांग करने की वीडियो की सीडी भी दी गई थी। पूर्व में भी इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार ऊषा सिंह ने राजस्व टीम के साथ जनसेवा केंद्रों पर छापा मारा। तहसीलदार ने बताया कि दो जनसेवा केंद्रों को सील कर दिया गया है। वहां से बरामद लैपटॉप व अन्य संदिग्ध कागजों की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई के लिए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जाएगी।