राष्ट्रीय मासिक लोक अदालत में शनिवार को 3,038
मुकदमों की सुनवाई हुई, जिसमें 2,540 मुकदमों का निस्तारण कर 11.25 लाख
जुर्माना लगाया गया।
दीवानी न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय मासिक लोक
अदालत का आयोजन हुआ, जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष/जिला
न्यायाधीश की अदालत में मोटर दुर्घटना के 12 वादों में 2 का निस्तारण कर
3.15 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया।
एडीजे प्रथम कमला सिंह यादव की कोर्ट
में 10 वादों के सापेक्ष 6 का निस्तारण कर 4,61,359 रुपये जुर्माना लगाया
गया। एडीजे पंचम श्रीकांत वर्मा की कोर्ट मेें 6 वाद व एडीजे तृतीय सूबा
सिंह की कोर्ट में 5 के सापेक्ष दो वाद का निस्तारण कर 94,762 रुपये
जुर्माना लगाया गया।
ईसी एक्ट बृजेंद्र कुमार की कोर्ट में मोटर दुर्घटना,
फौजदारी व अन्य के 48 वाद के सापेक्ष 43 वाद निस्तारित किए गए, जिनमें तीन
हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। एडीजे द्वितीय अनमोल पाल की अदालत
मेें 6 के सापेक्ष 3 वाद, न्यायिक अफसर जगन्नाथ मिश्रा ने भरण पोषण व
वैवाहिक वाद के 26 वादों में 12 का निस्तारण किया।
इसके अलावा अन्य न्यायिक
अफसरों की कोर्ट में मुकदमों की सुनवाई हुई। प्राधिकरण सचिव सिविल जज
सीनियर डिवीजन श्याम शंकर के अलावा न्यायिक अधिकारी रामसागर मिर्धा, सुदीप
जायसवाल, मनोज मिश्रा, राकेश वशिष्ठ, संजय यादव, प्रभानाथ त्रिपाठी, प्रदीप
मिश्रा, कमलकांत श्रीवास्तव, बृजेश कुमार, यशपाल, आदर्श श्रीवास्तव, नगर
मजिस्ट्रेट लक्ष्मी शंकर सिंह की अदालत में भी वादोें का निस्तारण किया
गया।
उधर, आर्यावर्त ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक विनय श्रीवास्तव ने
बताया कि लोक अदालत में 131 वाद में 25 मामलों का निस्तारण आपसी समझौते पर
किया गया। बताया कि लोक अदालत में 12.25 लाख रुपये के बकाया ऋणों का
समझौता हुआ। 88 हजार रुपये टोकन मनी के रूप में बकायेदारों द्वारा जमा किए
गए।