माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा की उत्तर
पुस्तिकाओं में मूल्यांकन के दौरान अजीबों गरीब अपील के साथ सौ और पचास के
नोट भी मिल रहे हैं, वहीं केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य में गति आ गई है, पर
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी के कारण परीक्षकों को दिक्कतों को सामना
करना पड़ रहा है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा की उत्तर
पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अब गति पकड़ रहा है। मूल्यांकन के दौरान उत्तर
पुस्तिकाओं में अजीब गरीब अपील मिल रही हैं। हिंदी की एक उत्तर पुस्तिका
में छात्रा ने लिखा-‘गुरुजी आप हमको पास जरूर कर देना, फेल हो गई तो पापा
की मार पड़ेगी, वहीं एक ने परीक्षक को कबीरदास का दोहा लिखकर उनकी तारीफ की
और नंबर देने की अपील की।
जीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर इंटर हिंदी की
कापियों के मूल्यांकन के दौरान एक प्रधान परीक्षक को कापी में पचास का नोट
लगा मिला। जिस पर उन्होंने नोट निकल कर अपने टोली के सदस्यों को नाश्ता
कराया। इसी प्रकार कई अन्य परीक्षकों की भी कापी ने नोट मिल चुके हैं।
जीआईसी
मूल्यांकन केंद्र पर शनिवार को 84 प्रधान परीक्षक और 428 परीक्षक ने कुल
25,596 कापियों का मूल्यांकन किया। अब तक केंद्र पर कुल 1,49,756 कापियों
का मूल्यांकन किया जा चुका है। वहीं एसडी इंटर कालेज मूल्यांकन केंद्र पर
40 प्रधान परीक्षक और 227 परीक्षकों ने 19037 कापियों का मूल्यांकन किया।
आरआर इंटर कालेज पर शनिवार को 41 प्रधान परीक्षक और 230 परीक्षकों ने 13366
उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया। तीनों मूल्यांकन केंद्र पर मूल्यांकन
कार्य शांतिपूर्वक चला। अब तक जिले की लगभग 32 फीसदी कापियों का मूल्यांकन
कार्य पूरा किया जा चुका है।
वहीं
मूल्यांकन केंद्रों पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भारी कमी है, जिससे
परीक्षकों को स्वयं ही बंडल ले जाने पड़ रहे और उनको पानी आदि को भी स्वयं
ही जाना पड़ता है।
मूल्यांकन केंद्र पर बाहर के कर्मचारी लगाए गए थे, पर वह
पहुंचे नहीं है। आदर्श माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री रनवीर सिंह
यादव ने इस समस्या के निदान की मांग परीक्षा प्रभारी से की है।