मल्लावां/बिलग्राम। कस्बे में शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोगों ने नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में प्रदर्शन किया। लोगोें ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन बीडीओ और तहसीलदार को सौंपकर बिल वापस लिए जाने की मांग की।
मल्लावां में मुस्लिम समाज के दुकानदारों ने बिल के विरोध में अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। दोपहर में लोग लाला बाजार पहुंचे और इस बिल को काला कानून बताकर विरोध जताया। लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। एसएसआई संतोष कुमार श्रीवास्तव ने फोर्स के साथ पहुंचकर लोगों को समझाया। इसके बाद समुदाय के लोगों ने बीडीओ मयंक द्विवेदी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर हाजी मुस्ताक, सईद अंसारी, डॉ. जमाल, डॉ. अनवर कारी, महफूज मियां, शानू अंसारी, इकबाल अंसारी, वाहिद शेख, हाफिज दानिश, हाफिज शकील आदि मौजूद रहे।
उधर, बिलग्राम में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद जमीयत उलमा-ए-हिंद के सदस्यों ने विधेयक का विरोध जताकर मस्जिद के बाहर प्रदर्शन किया। इसके बाद तहसीलदार अवनींद्र शुक्ला को ज्ञापन सौंप कानून वापस लिए जाने की मांग की। कहा कि यह विधेयक पूर्णत: असंवैधानिक है। सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने वाले इस विधेयक को रोका जाए। प्रदर्शनकारियों ने सर्वोच्च न्यायालय से भी इसका संज्ञान लेने की अपील की। इस मौके पर कारी एखलाक बिलग्रामी, मोहम्मद दानिश, नसीम खां, मोहम्मद उमर, नसीम खां आदि मौजूद रहे।
संडीला में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के बैनर तले नागरिकता संशोधन इस बिल के विरोध में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम संडीला मनोज कुमार श्रीवास्तव को सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि भेदभाव उत्पन्न करने का कार्य इस बिल के जरिये केंद्र सरकार ने किया है। इस मौके पर संगठन के उपाध्यक्ष मौलाना मोहम्मद फारुख मजाहरी, मीडिया प्रभारी अब्दुल वली, महासचिव अब्दुल कयूम कासमी आदि मौजूद रहे।