हरदोई। लोकसभा चुनाव के परिणाम को लेकर भाजपा और सपा प्रत्याशियों में इस कदर अनिश्चितता थी कि भाजपा और सपा के प्रत्याशी मतगणना में शामिल होने गए ही नहीं।
जीत तय हो जाने पर हरदोई से भाजपा प्रत्याशी जय प्रकाश और मिश्रिख से भाजपा प्रत्याशी अशोक रावत मतगणनास्थल तक गए, लेकिन तब उन्हें डीएम ने मतगणना से जुड़ी कुछ औपचारिकताएं बाकी होने की जानकारी दी। साथ ही विजयी प्रमाण पत्र कुछ देर बाद जारी हो पाने की बात कही। इस पर जय प्रकाश और अशोक रावत वापस चले गए।
शुरूआती दौर में तो हरदोई और मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के पक्ष में ही माहौल नजर आ रहा था, लेकिन एक मई के बाद से माहौल बदलना शुरू हुआ और 13 मई आते आते विपक्ष की स्थिति काफी बेहतर बन गई। परिणाम भी कम से कम हरदाेई लोकसभा क्षेत्र में कुछ इसी तरह आने शुरू हुए थे, लेकिन सवायजपुर और सदर ने स्थिति संभाल ली। कहीं न कहीं चुनाव को लेकर प्रत्याशियों में भी आशंका थी। हरदोई से सपा प्रत्याशी ऊषा वर्मा मतगणना स्थल पर नहीं गईं, लेकिन सपा जिलाध्यक्ष शराफत अली समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मतगणना में मौजूद रहे। चुनाव जीतने वाले जय प्रकाश भी मतगणनास्थल पर नहीं गए थे। चुनाव जीतने की जानकारी पर वह मतगणनास्थल पहुंचे।
मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी संगीता राजवंशी भी मतगणनास्थल पर नहीं गईं। उनके परिजन जरूर मतगणना में मौजूद रहे। भाजपा प्रत्याशी अशोक रावत भी मतगणना में नहीं गए थे। जीतने की पक्की जानकारी पर वह मतगणनास्थल पहुंचे।
पोस्टल बैलेट में समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी ऊषा वर्मा को बढ़त मिली। उन्हें 1389 वाेट पोस्टल बैलेट से मिले। भाजपा के जय प्रकाश को 1053, बसपा के भीमराव आंबेडकर को 295 और नोटा को 36 वोट पोस्टल बैलेट से मिले। खास बात यह रही कि कोई भी ऐसा प्रत्याशी नहीं रहा जिसे पोस्टल बैलेट से वोट न मिले हों।