बैंक कर्मचारियों की तमाम समस्याओं को लेकर रविवार को
एनसीबीई से संबद्ध बैंक आफ इंडिया स्टाफ यूनियन की बैैैठक एक गेस्ट हाउस
में हुई, जिसमें बैंक कर्मचारियों की समस्याओं और यूनियन की प्रगति पर
विचार विमर्श किया गया।
यूनियन के वरिष्ठ नेताओं ने कर्मचारियों का
मार्गदर्शन किया और उन्हें संगठन के प्रति कार्य करने तथा समस्याओं के
विरोध में हर संभव संघर्ष करने की अपील की। नुमाइश मैदान के पास एक गेस्ट
हाउस में आयोजित बैंक आफ इंडिया स्टाफ यूनियन के जिला इकाई की बैठक की
शुरुआत संरक्षक कामरेड वाईके अरोड़ा ने दीप जलाकर किया।
इस मौके पर
उन्होंने कहा कि बैंक कर्मियों के सामने आज तमाम तरह की समस्याएं आ रही
हैं। बैंकों का निजीकरण आज गंभीर समस्या बन गई है, जिसमें कर्मचारियों का
अहित है। उन्होंने कहा कि निजीकरण के विरोध में हर संभव विरोधा किया जाएगा
और कर्मचारी हित में आवाज उठाई जाएगी।
बताया कि यूनियन ने कर्मचारियों के
हितों और मांगों के लिए कई कार्य किए हैं। जिसमें सभी साथियों की
प्रतिबद्धता भी जरूरी है। उन्होंने संगठन स्तर से हर संभव कार्य करने का
आश्वासन दिया। अध्यक्ष कामरेड विजय जेटली ने कहा कि कर्मियों को अपने
यूनियन के प्रति सकारात्मक सोच रखते हुए कार्य करना चाहिए, ताकि संगठन को
मजबूती मिल सके।
महामंत्री कामरेड वीके सेंगर ने कहा कि यूनियन की प्रगति
से ही संपूर्ण देश में यूनियन का प्रसार हुआ है। जिला मंत्री कामरेड
क्षितिज पाठक ने कार्यक्रम की शुरुआत में मूल रूप से बैंक में शामिल हुए नए
साथियों का परिचय कराया और कार्यक्रम के बाद आए लोगों का आभार व्यक्त
किया। कार्यक्रम में बैंक आफ इंडिया की जिला स्तरीय शाखाओं की कर्मचारियों
ने हिस्सा लिया। संचालन अनूप सिंह और आशीष मिश्र ने किया। बैठक में
उपाध्यक्ष कामरेड अनिल मिश्र आदि मौजूद थे।