बिधूना। यात्री सुविधाओं को दरकिनार कर तहसील क्षेत्र में इन दिनों 20-25 निजी बसों का संचालन खुलेआम हो रहा है। दीपावली के बाद दिल्ली और अन्य शहरों को जाने वाले यात्रियों से बस संचालक मनमाना भाड़ा वसूल रहे हैं। प्रशासन और परिवहन विभाग की अनदेखी से इन संचालकों के हौसले बुलंद हैं।
गौरतलब है कि बिधूना कस्बे समेत बेला, कुदरकोट, सहार, याकूबपुर, एरवाकटरा व अछल्दा क्षेत्रों से निजी बसों का संचालन हो रहा है। हर शाम बेला रोड, भगत सिंह चौराहा और गुरुद्वारा के आसपास निजी बसों की कतारें लग जाती हैं। यहां करीब दो दर्जन एजेंट अपने-अपने काउंटर लगाकर टिकट बेचते हैं। सामान्य दिनों में बिधूना से दिल्ली का किराया प्राइवेट बस में 350 से 400 रुपया है लेकिन, अधिक सवारी होने के चलते किराया 700 से 800 रुपये वसूला जा रहा है।
यात्रियों की मजबूरी का लाभ उठाकर एजेंट खुलेआम मनमानी कर रहे हैं। इन बसों के आने पर बेला रोड गुरुद्वारा से लेकर भगत सिंह चौराहा व किशनी रोड स्थित पीएनबी बैंक तक प्रतिदिन जाम की स्थित बनी रहती है। सूत्रों की मानें तो इन बसों में न तो फिटनेस सर्टिफिकेट होता है, न वैध परमिट। ओवर लोडिंग व सीटों से अधिक यात्रियों की भरमार आम बात हो गई हैं। इससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
सवारियों के साथ-साथ माल ढुलाई भी
इन बसों में यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई का धंधा खुलेआम किया जा रहा है। दिल्ली से आने-जाने के दौरान बसों में व्यापारिक माल भी ढोया जा रहा है। बिधूना से अधिकतर व्यापारी शुक्रवार शाम को दिल्ली के लिए निकल जाते हैं। वह शनिवार को दिन में बाजार करने के बाद शाम को सामान बसों में लादकर बिधूना के लिए निकलते हैं और रविवार की सुबह आते देखे जाते हैं।
-
अब चलेगा अवैध वाहनों पर अभियान
एआरटीओ नानक चंद शर्मा ने बताया कि ऐसे अवैध वाहनों के खिलाफ अब सख्त अभियान चलाया जाएगा। कई बार मुखबिर पहले से सूचना दे देते हैं, इससे बसें बच निकलती हैं। मगर अब सभी की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। अचानक छापामारी कर इन बसों को पकड़ा जाएगा।