डग्गामार वाहन और परिवहन विभाग की उदासीनता से बेहाल
प्राइवेट बस संचालकों ने बसें खड़ी कर सामूहिक हड़ताल शुरू कर अव्यवस्था
के खिलाफ नारेबाजी की। चेतावनी दी कि जब तक व्यवस्था में सुधार नहीं होगा,
हड़ताल ऐसे ही जारी रहेगी।
उधर, हड़ताल के कारण आम यात्रियों को काफी
दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं पुलिस इस मसले पर मूकदर्शक बनी रही।
ज्ञात हो कि रूपापुर-शाहाबाद वाया पाली के 28 किमी के दायरे में कोई भी
रोडवेज बस अड्डा नहीं है। पाली का स्वीकृत बस अड्डा कोर्ट के फै सले की बाट
जोह रहा है।
यात्रियों को यह दूरी तय करने को प्राइवेट बसों और डग्गामार
वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। यह डग्गामार वाहन जहां परिवहन विभाग को
चूना लगा रहे, वहीं यात्रियों की जान जोखिम में बनी हुई है। हालांकि,
डग्गामार वाहनों पर लगाम लगाने को परिवहन, पुलिस विभाग के अलावा बस यूनियन
भी है, पर यह भी कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रहे।
प्राइवेट बस संचालक
नन्हें भैया, छोटे भइया, दिनेश यादव आदि ने बताया कि उक्त मार्ग पर 15
प्राइवेट बसें संचालित हैं, जो टैक्स के रूप में प्रतिमाह 7,314 रुपये
परिवहन विभाग व लगभग इतनी ही धनराशि अन्य सुविधा शुल्क के रूप खर्च करते
हैं। ऐसी स्थिति में सवारियां न मिलने से बस मालिक भुखमरी की कगार पर पहुंच
गए हैं।
उन्होंने व्यवस्था में सुधार होने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी
दी। इस मौके पर सुनील यादव, प्रवीण त्रिवेदी, संदीप बाजपेयी, गिरधर, कमल
पांडेय, नत्थूलाल, रामकु मार, आशाराम, इरशाद आदि मौजूद थे।