किसान विरोधी भूमि अधिग्रहण बिल वापस कराने सहित 15
सूत्री मांगों को लेकर भारत की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के
पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर में धरना
प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
कलक्ट्रेट
में धरना प्रदर्शन के दौरान जिला सचिव यदुनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार
अपने चुनाव घोषणा पत्र के अनुसार उत्पादन लागत के 50 प्रतिशत अधिक न्यूनतम
समर्थन मूल्य देने का वादा पूरा करे। मनरेगा में 227 दिन का काम तथा
प्रत्येक मजदूर को तीन सौ प्रतिदिन मजदूरी दी जाए।
इसके अलावा गन्ना
किसानों का बकाया तत्काल दिया जाए और किसानों के कर्ज माफ कर चार प्रतिशत
ब्याज पर किसानों को ऋण दिया जाए। कहा कि किसानों को हर उपज का वाजिब मूल्य
दिया जाए। गरीब किसानों एवं दलितों पर होने वाले पुलिस उत्पीड़न को तत्काल
बंद किया जाए। शासन प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं घोटालों को बंद
किया जाए।
इसके अलावा बेमौसम बारिश से हुए नुकसान का मुआवजा सभी किसानों को
तत्काल दिया जाए। उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश से हुए नुकसान के
मुआवजा आवंटन में हुए भारी भ्रष्टाचार की जांच कराई जाए। कहा कि पिंडारी,
जटपुरा, मुरौली, परौयची, चचरापुर, बघराई, मदारा और तेरिया आदि गांवों में
जंगली गाय किसानों की फसलों को नष्ट कर देती हैं, जिससे किसानों का जीना
मुश्किल है।
दिन भर काम करते और रात भर जागते हैं, जिससे किसान कमजोर हो गए
हैं। गायों को पकड़वाकर तत्काल बड़े जंगल या गौशाला में छुड़वाया जाए। इस
मौके पर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया एवं
प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी रमेश मिश्रा को सौंपकर कार्रवाई
की मांग की। इस मौके पर सरोज कुमार, शिवराज, विपिन कुमार, सत्येंद्र,
हरिशंकर, सुरेश कुमार, राजकुमार और राजरानी आदि मौजूद थे।