हरदोई। मेडिकल कॉलेज से लेकर सीएचसी-पीएचसी स्तर पर स्वाइन फ्लू से निपटने के कोई इंतजाम नहीं हैं। संदिग्ध मरीजों की जांच व नमूने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर अभी तक किटें ही नहीं भेजी गई हैं। बुखार से पीड़ित तमाम मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनमें कई लोगों में स्वाइन फ्लू जैसे मिलते-जुलते लक्षण भी हैं मगर जांच न होने की स्थिति में डॉक्टर ऐसे मरीजों को दवाएं देकर घर भेज रहे हैं।
जिले में भले ही स्वाइन फ्लू के एक भी मामले की पुष्टि न हुई हो फिर भी डॉक्टरों के अनुसार ऐसे मरीज हर रोज आ रहे हैं जिनमें स्वाइन फ्लू जैसे मिलते-जुलते लक्षण हैं। डॉक्टर ऐसे मरीजों को दवाएं देकर घर पर आराम करने की सलाह दे रहे हैं लेकिन उन्हें स्वाइन फ्लू का मरीज नहीं माना जा रहा है। इसके पीछे वजह है कि जिले में संदिग्ध मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है और न ही सैंपल लिए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि सीएचसी-पीएचसी पर व्यवस्थाएं पूरी हैं लेकिन धरातल पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है।
दृश्य-1-
सीएचसी हरपालपुर
दिखावे की हेल्प डेस्क और आइसोलेशन वार्ड बदहाल
कटियारी से जुड़े हरपालपुर सीएचसी पर स्वाइन फ्लू से संबंधित कोई भी व्यवस्थाएं नजर नहीं आईं। संदिग्धों की जांच के लिए किटें होना तो दूर, हेल्प डेस्क बनाने के मामले में सिर्फ एक मेज डाल कर इतिश्री कर ली गई। आइसोलेशन वार्ड भी तैयार नजर नहीं आया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आनंद पांडेय ने बताया कि स्वाइन फ्लू के लिए तैयारियां की जा रही हैं। जांच किट अभी मिली नहीं है। आइसोलेशन वार्ड बनाया जा रहा है।
दृश्य-2-
सीएचसी सवायजपुर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैयारियां अधूरी नजर आईं। सीएचसी में आइसोलेशन वार्ड के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर दी गई। 10 बेड आरक्षित तो किए गए लेकिन न तो साफ-सफाई दिखी और न ही बेडों पर चादरें। मरीजों की स्क्रीनिंग के लिए हेल्प डेस्क भी नहीं बनाई गई। कोविड के दौरान बची हुईं 25 किटें रखी मिलीं लेकिन उनकी एक्सपायरी के बारे में नहीं बताया गया। अधीक्षक डॉ. पराग ने बताया कि मरीजों की सुविधा और संक्रमण से बचाव को लेकर आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।
दृश्य-3-
सीएचसी हरियावां
सीएचसी पर स्वाइन फ्लू संक्रमण से बचाव और इलाज के लिए कोई इंतजाम नहीं दिखे। पूरे अस्पताल परिसर में मरीजों की स्क्रीनिंग के लिए हेल्प डेस्क नहीं मिली। लैब सहायक ने संदिग्ध मरीजों की जांच व सैंपल के लिए किटों की अनुपलब्धता बताई। आइसोलेशन वार्ड भी नहीं बना। अधीक्षक डॉ. अंकुर त्रिपाठी ने बताया कि किटें मंगवाई गई हैं, वार्ड भी तैयार करवा दिया जाएगा। दवाओं की उपलब्धता भी पूरी की जा रही है।
दृश्य-4-
सीएचसी बावन
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच बावन सीएचसी पर व्यवस्थाएं आधी-अधूरी मिलीं। संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए अभी तक किटें नहीं भेजी गईं जबकि बीते बुधवार को ही बावन में बुखार से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। फिर भी न तो प्रभावित स्थान पर लोगों की जांच कराई गई न ही जांच किटें भेजी गईं। अधीक्षक डॉ. पंकज मिश्रा ने बताया कि वह ट्रेनिंग पर बाहर हैं। किटें मंगवाकर जांचें करवाएंगे। हेल्प डेस्क और आइसोलेशन वार्ड तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
संदिग्ध मरीजों की जांच लखनऊ मेडिकल कॉलेज में होगी, सीएचसी से नमूने लिए जाएंगे, किटें सीएचसी पर भेजी जा रही हैं। दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था है और चार-चार बेड आरक्षित किए गए हैं। -डॉ. भवनाथ पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
फोटो- 33- हरपालपुर सीएचसी पर हेल्प डेस्क के लिए डाली गई खाली पड़ी मेज। संवाद
फोटो- 33- हरपालपुर सीएचसी पर हेल्प डेस्क के लिए डाली गई खाली पड़ी मेज। संवाद
फोटो- 33- हरपालपुर सीएचसी पर हेल्प डेस्क के लिए डाली गई खाली पड़ी मेज। संवाद