शहर के आसपास के क्षेत्रों में नया औद्योगिक क्षेत्र
विकसित करने की तैयारी है। इसको लेकर उद्योग केंद्र में हलचल शुरू हो गई
है। उद्योग विभाग का मानना है कि नए क्षेत्र के विकसित करने से जिले के
विकास को पंख लगेंगे। साथ ही उद्यमियों को भी काफी राहत मिलेगी।
विभागीय
सूत्रों की मानें तो 1980 के दशक में शहर से सटे नघेटा क्षेत्र में शासन
द्वारा इंडस्ट्रियल स्टेट विकसित कराकर उद्यमियों को उद्योग लगाने के लिए
निर्धारित शुल्क पर भूखंड आवंटित किए गए थे। उसके बाद से शहर के आसपास कोई
औद्योगिक क्षेत्र विकसित न किए जाने से नए उद्योगों को लगाने के लिए लोगों
को इधर- उधर भटकना पड़ रहा है।
यहीं कारण है कि पिछले लंबे समय से शहर के
आस पास कहीं औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर उद्यमियों को भूखंड उपलब्ध कराए
जाने की मांग होती रही है मगर इस ओर जिले से प्रस्ताव तक शासन को नहीं जा
सका है। इधर, शहर के लिए बन रही महायोजना में संभावित नगर विस्तार एवं
ट्रांसपोर्ट नगर व उद्योगों आदि के संबंध में बनने वाले खाका को लेकर
तैयारियां तेज होने की खबरें आने के बाद से एक बार फिर से औद्योगिक क्षेत्र
विकसित किए जाने मांग जोर पकड़ गई है।
जिसको लेकर विभाग में भी हलचल शुरू
हो गई है। उद्योग केंद्र के डिप्टी कमिश्नर एसके मिश्रा ने इस संबंध में
विभागीय लोगों के साथ ही उद्यमियों से भी बात की है। उन्होंने बताया कि वे
इस संबंध में विभागीय उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन लेने के साथ ही
जिलाधिकारी से परामर्श करेंगे और इसके बाद उद्योग बंधु की बैठक में इस पर
चर्चा करने के बाद आगे की कार्यवाही के लिए प्रयास करेंगे।