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Hardoi News: गर्भवती महिलाओं के नहीं हो रहे निशुल्क अल्ट्रासाउंड, खर्च करने पड़ रहे रुपये

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हरदोई। वैसे तो सरकार ने गर्भवती महिलाओं के लिए निशुल्क अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था की है लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते बीते एक माह से गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड कराने में जेब ढीली करनी पड़ रही है।
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बीते एक माह से विभागीय पोर्टल से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए ई-रुपी वाउचर जनरेट नहीं हो रहे हैं। चिह्नित सेंटरों ने ऐसे में निशुल्क अल्ट्रासाउंड बंद कर दिए और अब महिलाओं को खुद के खर्च पर अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को निशुल्क अल्ट्रासाउंड की सहूलियत दी जाती है। सीएचसी स्तर पर निशुल्क अल्ट्रासाउंड कराने के लिए सेंटरों को चिह्नित किया गया है। सेंटर संचालकों को पंजीकृत गर्भवती महिलाओं के नाम से ई-रुपी वाउचर जनरेट किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अल्ट्रासाउंड सेंटर को 425 रुपये के ई-रुपी वाउचर जनरेट करके दिए जाते हैं।
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इनके माध्यम से महिलाएं सीएचसी से अधिकृत सेंटरों पर जाकर अल्ट्रासाउंड करा लेती हैं। सरकार की इस योजना का लाभ जिले की 34,388 पंजीकृत गर्भवती महिलाओं को दिया जाना है लेकिन बीते एक माह से महिलाओं के निशुल्क अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। विभागीय पोर्टल बीते 21 अगस्त से अपडेट के चलते पूरे जिले में बंद है और अब महिलाओं को अल्ट्रसाउंड कराने के लिए 600 से 800 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।


हर माह पांच हजार से अधिक होते हैं निशुल्क अल्ट्रासाउंड
स्वास्थ्य विभाग में जिले भर की करीब 34,388 गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं। इनमें से हर माह पांच हजार से अधिक महिलाओं के निशुल्क अल्ट्रासाउंड होते हैं। वहीं 20 अगस्त से पोर्टल ही बंद है। बताया जा रहा है कि अभी तक ई-रुपी वाउचर जनरेट होने के बाद क्यूआर कोड एफएएमएस के माध्यम से चल रहा था। स्वास्थ्य विभाग एफएएमएस पोर्टल को बंद कर सैन स्पर्श पोर्टल को शुरु करने जा रहा है। बीते एक माह से पोर्टल अपडेट नहीं हुआ है और भुगतान नहीं हो रहा है।


कर्मचारियों के वेतन भी अटके
हरदोई। स्वास्थ्य विभाग के इस पोर्टल अपडेशन के कारण कर्मचारियों के वेतन भुगतान भी अटक गए हैं। बीते एक माह से कर्मचारियों को वेतन भी नहीं मिल पाया है। वहीं अब कब तक पोर्टल अपडेट होकर दोबारा काम कर सकेगा। इसको लेकर भी कोई जानकारी नहीं है। इससे सभी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सीएमओ डॉ. भवनाथ पांडेय ने बताया कि शासन से पोर्टल अपडेट न होने की वजह से पूरे जिले में समस्या बनी हुई है। उम्मीद है कि जल्द ही समाधान होगा।
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