अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ ने विभागीयकरण सहित
सुविधाओं की मांग को लेकर सोमवार को हड़ताल कर प्रदर्शन किया। जनपद भर में
ग्रामीण क्षेत्रों के डाकघरों पर ताला लटका रहा और कर्मचारी प्रधान डाकघर
के गेट पर प्रदर्शन कर नारेबाजी करते रहे।
ऐसे में ग्राहकों को समस्याओं
का सामना तो करना ही पड़ा, विभाग को राजस्व का नुकसान हुआ, जबकि
कर्मचारियों ने मांगे पूरी न होने पर अनिश्चित कालीन हड़ताल की चेतावनी भी
दी। ग्रामीण डाक सेवकों ने मांगों को लेकर प्रधान डाकघर के बाहर धरना
प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवा संघ के बैनर तले
ग्रामीण डाक सेवकों ने गांवों के डाकघरों पर तालाबंदी कर सरकार की नीतियों
का विरोध किया। संघ के अध्यक्ष रतीभान सिंह ने कहा कि ग्रामीण डाक सेवकों
का विभागीयकरण किया जाए। उन्हें भी अन्य कर्मचारियों की भांति विभाग की सभी
सेवाएं दी जाएं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण डाक सेवकों की सेवा शर्तों की
संरचना के संबंध में न्यायाधीश समिति का गठन किया जाए और मांगों को
निस्तारित किया जाए। डाक विभाग में कारपोरेशन प्रस्ताव को टास्क फोर्स से
रोकने की मांग की।
संघ सचिव श्रवण कुमार पांडेय ने कहा कि ग्रामीण डाक
सेवकों की तीन सूत्रीय मांगों को केंद्र सरकार ने यदि पूरा नहीं किया तो एक
दिवसीय हड़ताल के स्थान पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। इस मौके पर
आरके दीक्षित, आरपी अग्निहोत्री, अशोक मिश्रा, गोपाल बाजपेयी, मोहन लाल, मायाराम और सुधांशु कुमार आदि मौजूद थे।