हरदोई। शहर के बड़े पान मसाला कारोबारी के यहां बुधवार से शुरू इनकम टैक्स विभाग की रेड शुक्रवार तक लगातार 56 घंटों से जारी है। आईटी की कई टीमें एक साथ कारोबारी के घर, आफिस से लेकर कई ठिकानों पर सर्च कर रही हैं।
टीमों को बड़ी संख्या में संपत्तियों के कागजात मिलने की खबरें हैं। हालांकि इस बारे में आईटी की तरफ से अभी तक कोई अधिकृत जानकारी नहीं दी गई है। ऐसा माना जा रहा है कि रेड के इतना लंबा खिंचने के पीछे कहीं न कहीं टीमों के हाथ महत्वपूर्ण चीजें लगी हैं।
जिस तरह से अभी सर्च जारी है, उससे ऐसा माना जा रहा है कि मामला अरबों का हो सकता है।
करोड़ों का मामला होने का अंदेशा तो लोग पहले से ही जता रहे थे, लेकिन जिस तरह से कारोबारी के शहर से लेकर आसपास के ठिकानों पर टीमें बुधवार से लगातार सर्च कर रही हैं उससे मामला काफी बड़ा होने की संभावनाएं प्रबल हो गई है।
आयकर विभाग की कई टीमें एक साथ छापेमारी करते हुए लगातार सर्च कर रही हैं। इस दौरान कारोबारी से जुडे किसी भी स्थान पर बाहर से किसी को भीतर आने की इजाजत अभी तक नहीं मिली है।
इसके अलावा कारोबारी और उनके परिजनों से भी किसी का कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। आईटी की टीमों ने पूरी तरह से कारोबारी के सभी स्थानों को अपने कब्जे में ले रखा है। सभी स्थानों पर पुलिस फोर्स तैनात है ।
चर्चा है कि नकदी, गहने व जेवरातों की तलाश के बीच बड़ी संख्या में संपत्तियों के कागजात आईटी टीमों के हाथ लगे हैं। इन संपत्तियों की कीमत बाजार भाव के अनुसार सौ करोड़ से अधिक हो सकती है।
विभाग इनके मूल्य का आंकलन सर्किल रेट और बाजार रेट सहित विभागीय नियमानुसार कर सकता है। फिलहाल रेड जारी है और इस बीच कारोबारी से जुड़े लोगों के साथ हुए लेन देन एवं बैंक ट्रांजेक्शन आदि को लेकर भी जांच चल रही है।
कुछ डमी बैंक एकाउंट व लाकरों के सामने आने की चर्चा है, लेकिन इस तरफ विभाग की ओर से फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। स्थानीय विभागीय कार्यालय में भी रेड को लेकर अभी तक सूचना नहीं है।
ऐसा माना जा रहा है कि सर्च पूरा होने के बाद ही विभाग की ओर से जानकारी दी जाएगी ।
लोगों में एक ही चर्चा
हरदोई । शहर के बड़े पान मसाला कारोबारी के यहां तीन दिनों से लगातार चल रही आईटी की रेड की चर्चा अब शहर से गांवों तक पहुंच गई है।
हर कोई आयकर विभाग की इस बड़ी रेड को लेकर अपने-अपने हिसाब से अनुमान लगा रहा है। कोई कहता है कि करोड़ों का मामला है तो कोई कहता है कि अरबों का मामला है।