हरदोई। दिल्ली में सोमवार शाम हुए धमाके के बाद जिले में पुलिस अलर्ट हो गई। रात में ही पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जांच अभियान शुरू कर दिया गया। एसपी के तेवर देख पुलिस रात में तो सक्रिय रही, लेकिन सूरज की रोशनी बिखरते ही अलर्ट के आदेश भी बिखरे हुए नजर आए।
यह तस्वीर सोमवार देर रात की है। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा, अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र, सीओ सिटी अंकित मिश्रा रेलवे स्टेशन पर जांच अभियान चला रहे हैं। संदिग्धों की जांच की जा रही है। इतना ही नहीं संडीला से लेकर शाहाबाद तक में पुलिस अलर्ट मोड पर है। रोडवेज बस अड्डे से लेकर होटल और लॉज तक खंगाले जा रहे हैं। पुलिस की यह सक्रियता पूरी रात दिखी। जनपद की सीमाओं पर भी बैरियर लगाकर जांच अभियान चलाया गया। आने जाने वालों का ब्योरा भी पुलिस ने दर्ज किया।
यह तस्वीर मंगलवार दोपहर की है। रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के नाम पर न तो कोई जांच अभियान चल रहा है और न ही मुस्तैदी दिख रही है। प्लेटफार्म पर लोग तो मौजूद हैं, लेकिन पुलिस कर्मी नजर नहीं आए। इतना जरूर हुआ कि ट्रेनों के आने पर जीआरपी के तीन सिपाही प्लेटफार्म पर गश्त करते मिले।
राज्य सड़क परिवहन निगम का बस अड्डा अटल चौक के पास है। हर दिन यहां लगभग दो सौ बसों का आवागमन होता है। तकरीबन 12 हजार लोगों की आवाजाही होती है। सुरक्षा के नाम पर सोमवार रात यहां पुलिस तैनात थी, लेकिन मंगलवार की दोपहर यहां कोई सुरक्षा व्यवस्था नजर नहीं आई।
रेलवे स्टेशन पर न सीसी टीवी कैमरे न रोशनी का इंतजाम
हरदोई। कहने को भले ही अलर्ट हो, लेकिन रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। सुरक्षा के नाम पर जीआरपी और आरपीएफ के कर्मचारी तैनात रहते हैं। रेलवे स्टेशन परिसर में कैमरे तक नहीं हैं। और तो और स्टेशन परिसर पर प्रकाश की भी उचित व्यवस्था नहीं है। दरअसल रेलवे स्टेशन पर निर्माण कार्य चल रहा है। काम शुरू होने पर यहां से सीसीटीवी कैमरे हटा दिए गए थे। दोबारा अब तक कैमरे लगे ही नहीं। इसके अलावा वॉक-थ्रू मेटल डिटेक्टर, लगेज स्कैनर जैसे यंत्र भी रेलवे स्टेशन पर नहीं हैं, जबकि सुरक्षा मानकों के मुताबिक यह उपकरण स्टेशन पर अनिवार्य हैं। इसको लेकर आरपीएफ प्रभारी ने उच्चाधिकारियों से मांग भी की है लेकिन स्थित जस की तस है।
फोटो-06- रेलवे प्लेटफार्म पर नदारत सुरक्षा कर्मी। संवाद