हरदोई। लगभग साढ़े छह साल पहले हुई घटना के आरोपी को गैर जमानती वारंट होने के ढाई साल बाद भी पुलिस नहीं तलाश पाई।
इसकी वजह से न तो आरोप तय हो पा रहे हैं और न न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ पा रही है। इससे नाराज अपर जिला जज काेर्ट संख्या - 3 योगेंद्र चौहान ने कोतवाल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। हद यह कि कोतवाल की जगह उपनिरीक्षक ने जवाब भेज दिया। इस पर अपर जिला जज ने जमकर फटकार लगाई और कोतवाल को तलब किया है।
मल्लावां कोतवाली क्षेत्र में 14 जून 2019 को एक घटना हुई थी। इस घटना में जानलेवा हमले के आरोप में हिमांशू पटेल की तहरीर पर तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष अंकित जायसवाल, उनके भाइयों विशाल जायसवाल, रोहित जायसवाल, सिद्धार्थ जायसवाल, राहुल शर्मा, हाजी जलालुद्दीन, इंद्रपाल वर्मा, राजभान सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने इस मामले में सिद्धार्थ, अंकित, राहुल, राजभान, नजीम, गौरव, नीरज, फहीम और संजय के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। अंकित जायसवाल की मौत हो चुकी है, जबकि सिद्धार्थ जायसवाल जेल में हैं। आरोपियों में शामिल फहीम के खिलाफ न्यायालय ने 16 जून 2023 को गैर जमानती वारंट जारी किया था। तब से अब तक पुलिस वारंट को तामील नहीं करा पाई और इसकी वजह से फहीम की गिरफ्तारी भी नहीं हुई।
फहीम की गिरफ्तारी न होने से न्यायालय में आरोप तय नहीं हो पा रहे हैं। बीती 30 अक्तूबर को अपर जिला जज ने कड़े शब्दों का इस्तेमाल कर मल्लावां कोतवाल शिवाकांत पांडेय को नोटिस जारी की थी। नोटिस का जवाब सोमवार को अपर जिला जज के सामने रखा गया। इस पर अपर जिला जज ने नाराजगी जताई। नोटिस कोतवाल को जारी की गई थी, जबकि इसका जवाब मल्लावां में तैनात उपनिरीक्षक नेहा त्यागी ने दाखिल किया। अपर जिला जज ने कोतवाल के प्रति नाराजगी जताते हुए जल्द से जल्द पेश होने को कहा है।