राज्य पोषण मिशन के तहत शुक्रवार को जिला स्तरीय
समिति की बैठक सीडीओ की अध्यक्षता में हुई, जिसमें मिशन महानिदेशक के
निर्देशनों से जिला स्तरीय अधिकारी और आईसीडीएस कर्मियों को अवगत कराया।
मुख्य विकास अधिकारी ने गांवों को गोद लेने वाले सभी अधिकारियों को
प्रत्येक माह गांव जाकर भ्रमण करने और अतिकुपोषित बच्चों की जांच करने के
निर्देश दिए।
बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कुपोषण
से मुक्त कराने को राज्य पोषण मिशन को हरी झंडी दी गई। राज्य पोषण मिशन के
अंतर्गत गांवों को गोद दिया गया। डीएम और सीडीओ समेत सभी जिला स्तरीय
अधिकारियों ने दो दो गांव गोद लिए हैं। वहीं राज्य पोषण मिशन का महानिदेशक
की जिम्मेदारी ग्राम्य विकास आयुक्त कामराज रिजवी को दी गई।
ग्राम्य विकास
आयुक्त शुक्रवार को जनपद आने वाले थे और जिला स्तरीय समिति के साथ बैठक भी
थी, पर अचानक उनका कार्यक्रम स्थगित हो गया। ऐेसे में उनके दिशा निर्देशन
में सीडीओ आरएनएस यादव ने स्वर्ण जयंती सभागार में बैठक की और जिला स्तरीय
समिति में शामिल जिला स्तरीय अधिकारी, आईसीडीएस और स्वास्थ्य विभाग के
अधिकारियों को उद्देश्यों से अवगत कराया।
सीडीओ ने कहा कि जिला स्तरीय
गोद लिए दोनों गांवों का प्रतिमाह किसी दिन निरीक्षण करें और रिपोर्ट दें।
गांवों पर ग्रामीण स्वास्थ्य पोषण दिवस का आयोजन किया जाए और इस दिन गांव
जाकर कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों की जांच करें। बच्चों की देखभाल की
रिपोर्ट मुख्यालय को दें, ताकि शासन भेजी जा सके।
आईसीडीएस कर्मियों से कहा
कि सीडीपीओ, मुख्य सेविका, आंगनबाड़ी कार्यकत्री नियमित रूप से बच्चों का
परीक्षण करें। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को एएनएम व आशा बहुओं को भी
नियमित रूप से देखभाल करने के निर्देश दिए। सीडीओ ने किसी भी कर्मचारी
द्वारा लापरवाही बरती जाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
उन्हाेंने सभी
अफसरों को संबंधित एएनएम का नंबर लेने और उनसे संपर्क बनाए रखने के निर्देश
दिए। बैठक में जिला स्तरीय अधिकारी, चिकित्सक व सीडीपीओ मौजूद थे।