हरदोई। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित कराए गए आरआरसी (रिकवरी रिर्सोस सेंटर) के संचालन को लेकर पंचायतीराज विभाग गंभीर हो गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह ने आरआरसी संचालन न होने पर संबंधित कर्मियों की जवाबदेही तय करनी शुरू की है। एसबीएम (स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण) के खंड प्रेरकों से गांवों के भ्रमण का ब्योरा भी तलब किया है।
पंचायतीराज विभाग के माध्यम से गांवों को साफ-सुथरा बनाए जाने के लिए आरआरसी बनवाए गए हैं। उनके संचालन के लिए सफाई कर्मियों के साथ ही अन्य कर्मियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। डीपीआरओ ने बताया कि संज्ञान में आया कि आरआरसी का नियमित संचालन नहीं किया जा रहा है। वहीं गांवों में प्लास्टिक और पॉलीथिन व कूड़ा कलेक्शन भी नियमित कराते हुए आरआरसी पर नहीं लाया जा रहा है। जिससे गांवों के भ्रमण के समय गंदगी और पॉलीथिन आदि फैली मिलती है।
बताया कि एसबीएम के सभी खंड प्रेरकों को प्रत्येक माह 20-20 गांवों और सहायक विकास अधिकारी पंचायत को सात-सात गांव का नियमित भ्रमण कर आरआरसी संचालित कराने की जिम्मेदारी दी गई है। सभी खंड प्रेरकों से प्रारूप पर गांवों के भ्रमण, आरआरसी संचालन, सफाई कर्मी की तरफ से प्रतिदिन काम और कूड़ा कलेक्शन की रिपोर्ट मांगी गई है।