विद्युत कर्मचारियों पर मुकदमा, निलंबन के विरोध पर कर्मचारियों का चल रहा विरोध प्रदर्शन गुरुवार को एक दिवसीय उपवास में तब्दील हो गया। आशा नगर स्थित मंडल कार्यालय पर उपवास पर बैठे विद्युत मजदूर पंचायत के पदाधिकारी ने मांगे पूरी न होने पर वृहद आंदोलन की चेतावनी दी। इस बारे में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में विद्युत मजदूर पंचायत के पदाधिकारियों ने आशा नगर स्थित मंडल कार्यालय पर 24 घंटे का उपवास किया। संघ के जिलाध्यक्ष जाबिर अली ने बताया कि 10 फरवरी 2015 को विद्युत कर्मियों पर फर्जी मुकदमे कर निलंबित कर दिया गया।
इससे कर्मचारियों मे रोष है। कई बार आश्वासन के बावजूद मुकदमे वापस नहीं लिए गए, न ही निलंबन वापस लिया गया। गुरुवार को एक दिवसीय उपवास किया गया।
बताया कि इसके अलावा दो वर्षाें का बकाया अनुग्रह राशि का भुगतान, न्यूनतम बोनस का भुगतान 8.33 फीसदी करने, विद्युत परिषद का पुनर्गठन सहित संविदा कर्मियों की नियमावली बनने, संविदा कर्मियों से वेतन की कटौती और विभागीय अंशदान की सम्मिलित ईपीएफ धनराशि में हुए भारी घोटाले की सीबीआई जांच कराने की मांगों को भी पूरा नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि एक दिवसीय उपवास के बाद भी यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा तो वह लोग कार्य बहिष्कार व अनिश्चित कालीन हड़ताल करेंगे। इस मौके पर प्रांतीय उपाध्यक्ष टीपी सिंह, उमेश मिश्रा, सिराज, शिवदयाल, रामू, जागेश्वर दयाल, अनिल मिश्रा, शेखर व संदीप मौजूद रहे।