तहसील में वकीलों के दो गुटों ने बुधवार को एसडीएम और तहसीलदार पर तानाशाही का आरोप लगा नारेबाजी की। परिसर में जुलूस निकाल प्रदर्शन किया और अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान कर दिया।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष चोवरलाल वर्मा के गुट के वकीलों ने आपात कालीन बैठक में एसडीएम वंदना त्रिवेदी व तहसीलदार राजेश चौरसिया की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह यादव ने कहा कि जब तक दोनों अधिकारी वकीलों के प्रति अच्छा व्यवहार नहीं अपनाते सभी न्यायालयों का बहिष्कार जारी रहेगा।
वहीं, दूसरे गुट दि ग्रेट लायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राघवेंद्र शुक्ला व महामंत्री मनमोहन शुक्ला के नेतृत्व में वकीलों ने दोनों अधिकारियों के कार्य करने के तरीके पर रोष जताया। दोनों गुटों के वकीलों बैठक के बाद इकट्ठे होकर तहसील परिसर में जुुलूस निकाल एसडीएम व तहसीलदार विरोधी नारे लगाए। वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की एक प्रति तहसीलदार को भी सौंपी। इस मौके पर उमेश द्विवेदी, संजीव मिश्रा, देवेश बाजपेई, राजीव सिंह, राम बरन, दिनेश अस्थाना, विजय बाजपेई, विवेक मिश्रा, कमलेश यादव, संजय पांडेय, उदयराज सिंह, श्याम कुमार छावड़ा, सुनील राजपूत, नफीसुर्रहमान, रामसागर दिवाकर आदि मौजूद रहे।
आरोप गलत
सवायजपुर। एसडीएम वंदना त्रिवेदी ने बताया वकीलों के लगाए गए आरोप गलत हैं। वह शासन की मंशा के अनुरूप आम जनता की समस्याओं के निराकरण में प्रयासरत हैं।
मुकदमों के निस्तारण की तेजी बनी विवाद की जड़
सवायजपुर। तहसील में उपजिलाधिकारी वंदना त्रिवेदी करीब एक माह पूर्व ही पहुंची हैं। जानकारों के अनुसार एसडीएम की तेज तर्रार कार्यशैली और तेजी से उनके द्वारा किए जा रहे मुकदमों का सुनवाई और निस्तारण विवाद की जड़ बताया जा रहा है। तहसील से जुड़े लोगों की मानें तो तेजी से हो रहे मुकदमों का निस्तारण ही मामले की जड़ है जिसका विरोध हो रहा है।
वकीलों की हड़ताल, एक गया जेल
सवायजपुर। एसडीएम और तहसीलदार पर तानाशाही का आरोप लगाकर कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन करने वाले वकीलों के रुख से पहले ही दिन वादकारी और आम लोग परेशान होने लगे हैं। बुधवार को शांतिभंग में हरपालपुर पुलिस की ओर से एसडीएम के समक्ष पेश किए दीपू निवासी हातापुर को जमानत न मिल पाने के कारण जेल जाना पड़ा।