हरदोई। जर्जर और किराए के भवनों में चल रहे 11 राजकीय, यूनानी और होम्योपैथिक चिकित्सालयों को अपने भवन मिल सकेंगे। प्रशासन ने इन चिकित्सालयों के निर्माण के लिए सरकारी भूमि का पुनर्ग्रहण किया है। प्रशासन ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को जमीन प्राप्त करा दी है।
ग्रामीण क्षेत्रों तक अंग्रेजी दवाओं की पहुंच के साथ ही आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथिक चिकित्सा की सुविधा के लिए सरकार ने गांवों में भी इन चिकित्सा पद्धातियों के चिकित्सालयों का संचालन कराया है। यहां पर संचालित चिकित्सालयों में से ग्रामीण क्षेत्र के 11 चिकित्सालय ऐसे हैं, जिनके भवन या तो जर्जर हो गए हैं या फिर किराए के भवन में संचालित हो रहे हैं।
विभागीय अधिकारियों की ओर से इसके लिए जमीन की मांग पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने संबंधित तहसील के एसडीएम के माध्यम से ग्राम समाज की भूमि का शासन के पक्ष में पुनर्ग्रहण कराया है।
उन्होंने बताया कि बिलग्राम क्षेत्र के आलापुर व बेरिया नजीरपुर में आयुर्वेदिक चिकित्सालय, संडीला के राजकीय यूनानी चिकित्सालय कासिमपुर, राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय असही आजमपुर व मझिगवां, आयुर्वेदिक चिकित्सालय हर्रैया, गोंडवा व मोहम्मदपुर और बेरुआ, सदर तहसील के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय इटौली, सवाजयपुर के बाबरपुर के लिए जमीन दी गई है।
सदर तहसील के गड़ेउरा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना के लिए भी जमीन दी गई है।