चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल के
गृह जनपद स्थित जिला अस्पताल में मरीज बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे हैं।
आलम यह है कि अस्पताल में जनरेटर की व्यवस्था है, पर बिजली जाने के बाद उसे
नहीं चलाया जाता। इसके चलते गर्मी में मरीज और तीमारदार बेहाल हैं।
जिला
अस्पताल में मरीजों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश थे। अस्पताल
के लिए नया फीडर बनाने की कवायद बिजली विभाग ने शुरू की थी, पर वह फाइलों
में खो गई।
बिजली न होने पर अस्पताल में कोई कार्य बाधित न हो,
इसके लिए सभी विभागों में अलग-अलग जनरेटर लगे हैं। अस्पताल को रोशन करने को
दो बड़े जनरेटर लगे हैं, मगर यह व्यवस्था सिर्फ कागजों में ही सिमट गई
है।
बर्न वार्ड के मरीजाें को राहत देने के लिए वार्ड में एसी लगे
हैं, मगर ये अक्सर खराब रहते हैं। बिजली न होने से एसी तो दूर वार्ड के
पंखे भी नहीं चलते, जिससे एयरटाइट वार्ड में मरीज गर्मी से बेहाल हो रहे
हैं।