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Hardoi News: मेडिकल कॉलेज में दवाओं की कमी से मरीज परेशान

Thu, 26 Dec 2024 03:24 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
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फोटो-24- मेडिकल कॉलेज के दवा काउंटर पर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
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- महंगे दामों पर बाहर मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदने के लिए हैं मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी

हरदोई। मेडिकल कॉलेज मरीजों की सहूलियत के कितने प्रयास किए जा रहे हैं पर दवा काउंटरों पर दवाएं ही नहीं मिल रहीं हैं। मरीज काउंटर पर दवा लेने पहुंचता है तो मुश्किल से एक या तो दवाएं ही मिलती हैं। बाकी की दवाओं के लिए मेडिकल स्टोर पर जाना पड़ता है। जो दवाएं यहां निशुल्क मिलनी चाहिए, उसके लिए मरीजों को जेब ढीली करनी पड़ रही है।
मेडिकल कॉलेज में रोजाना डेढ़ से दो हजार से अधिक की ओपीडी होती है। इस समय दर्द की नेक्सडॉन दवा सहित नॉरफ्लॉक्स टीजेड, प्रोबायोटिक, फलेक्सटाइन, बीकॉमप्लेक्स सहित मेट्रोनिडाजोल इंजेक्शन, क्लोबसेव, इथिस्लोन, किमराल समेत कई महत्वपूर्ण दवाओं की कमी है। एंटीबॉयोटिक इंजेक्शन के साथ त्वचा रोग की दवाएं भी शामिल हैं। मरीजों को दवाएं निजी मेडिकल स्टोर से पैसे देकर खरीदनी पड़ती है।
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केस-1- पिहानी के गांव दहेलिया निवासी सारिक राजकीय मेडिकल कॉलेज में पहुंचे थे। शारिक ने बताया कि डॉक्टर ने कई दवाएं लिखीं। काउंटर पर पर सिर्फ दो दवाएं मिलीं। एक दवा नहीं मिली। काउंटर पर बताया गया कि मेडिकल स्टोर पर दवा मिलेगी। दवा करीब 100 रुपये की मिली।

केस-2- खंजनपुरवा निवासी उस्मान ने बताया कि वह भांजे अजान को बाल रोग चिकित्सक को दिखाया। उन्होंने जो दवाएं लिखी हैं उसमें से सिर्फ एक ही दवा मिली, दो दवाएं बाहर से मेडिकल स्टोर से खरीदनी होंगी। बताया कि जन आरोग्य केंद्र पर भी यह दवा उपलब्ध नहीं है। देखते हैं कि मेडिकल स्टोर पर कितने की दवा मिलेगी।


जन आरोग्य केंद्र पर नहीं मिलतीं दवाएं

स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में सस्ते दामों पर जेनरिक दवाओं की बिक्री के लिए जनआरोग्य केंद्र का संचालन किया गया है लेकिन केंद्र पर भी मरीजों को दवाएं नहीं मिलती हैं। ओपीडी में काउंटर पर दवाएं न मिलने से मरीज परिसर में स्थित जन आरोग्य केंद्र पर दवा लेने आते हैं तो वहां पर भी दवाएं न होने की बात कह दी जाती है। इसके बाद मरीजों को मेडिकल स्टोर से दवा लेने के लिए मजबूर हैं।
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वर्जन

कुछ दवाएं नहीं हैं। इसको पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। दवाएं बाहर से मंगाने के लिए नहीं कहा जाता है अगर है ऐसा है तो जांच की जाएगी। कोशिश की जाएगी मरीजों को सभी तरह की दवाएं उपलब्ध हो सकें।-डॉ. जेके वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक

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