फोटो- 23- मेडिकल कॉलेज का हड्डी वार्ड। संवाद
हरदोई। मेडिकल कालेज से संबद्ध जिला अस्पताल के हड्डी वार्ड में मरीजाें को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। पीने के पानी के लिए मरीजों के तीमारदारों को सड़क पार कर मेडिकल कॉलेज परिसर में लगे वाटर कूलर तक दौड़ लगानी पड़ रही है, या फिर पड़ोस की दुकानों से दिन भर में कई बार बोतल बंद पानी खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है। ऐसे में मरीज और उनके तीमारदारों को परेशान होना पड़ रहा है।
मेडिकल कालेज के अधीन होने के बाद जिला अस्पताल में सहूलियतें भले ही बढ़ गई हों, लेकिन सड़क के दूसरी ओर से बना हड्डी वार्ड की स्थिति अभी भी बेहतर नहीं है। हड्डी के मरीजों को भर्ती करने के लिए नेत्र चिकित्सालय कक्ष में वार्ड तो बना दिया गया है। पर मरीजों को मूलभूत आवश्यकताओं की सुविधाएं मुहैया नहीं कराई गई। हड्डी वार्ड में भर्ती मरीज और उनके तीमारदारों के लिए न तो पीने के पानी की समुचित व्यवस्था है और न ही साफ सफाई की। गला सूखने पर तीमारदार मरीज के लिए मेडिकल कॉलेज परिसर में लगे वाटर कूलर से पानी ले रहे हैं। कई बार तीमारदार तो बाहर की दुकानों से बोतल बंद पानी खरीदने को मजबूर हो रहे हैं।
केस-1- सुरसा निवासी अंकित के बड़े भाई का पैर टूट गया है। ऑपरेशन के बाद वह भर्ती हैं। अंकित बताते हैं कि पानी की कोई व्यवस्था यहां है ही नहीं। पानी लेने या तो सड़क पार कर वाटर कूलर से लाना पड़ रहा है या दुकानों से भरना पड़ रहा है। ठंडा पानी लेना हो तो बोतल खरीदनी पड़ रही है।
केस-2- समुदा निवासी दिवाकर ने बताया कि पानी के लिए काफी परेशान होना पड़ रहा है। इतना ही नहीं शौचालय की भी बेहतर व्यवस्था नहीं है। न तो वार्ड की रोज साफ सफाई होती है और न ही सेनिटाइजेशन होता है। वार्ड के अंदर घुसते ही बदबू का सामना भी करना पड़ता है।
हड्डी वार्ड की समस्याओं के बारे में जानकारी है। वार्ड को आईपीडी भवन में शिफ्ट किया जाना है। जल्द ही वार्ड को शिफ्ट किया जाएगा, बाकी अभी वार्ड में अगर कोई समस्या आ रही है तो उसे दुरूस्त कराया जाएगा। -डाॅ. जेबी गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
फोटो- 23- मेडिकल कॉलेज का हड्डी वार्ड। संवाद
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