फोटो- 12- मरीज सुरेश कुमार के मुंह की सर्जरी करते विभागाध्यक्ष डॉ. शिवम यादव व टीम। स्रोत: म
हरदोई। मेडिकल कॉलेज के दंत चिकित्सा विभाग के डॉक्टरों ने बढ़े मसूड़ों के कारण चार साल से परेशानी झेल रहे मरीज की सफल सर्जरी कर दुर्लभ बीमारी से मुक्ति दिलाई। डॉक्टरों ने मंगलवार को मरीज के मुंह के निचले जबड़े के आगे के छह दांतों के सामने मसूड़ों और ऊतकों की अत्यधिक वृद्धि को ऑपरेशन से हटाया। बढ़े मसूड़ों की वजह से मरीज को मुंह बंद करने और भोजन चबाने में परेशानी हो रही थी।
शाहाबाद के रामपुर दहेलिया गांव निवासी सुरेश कुमार (42) करीब चार साल से बढ़े मसूड़ों की समस्या से परेशान थे। नीचे जबड़े के आगे छह दांतों के सामने मसूड़ों और आसपास के ऊतकों में असामान्य वृद्धि हो गई थी। वह न तो पूरी तरह से मुंह बंद कर पा रहे थे और न ही भोजन चबा पा रहे थे। कई जगह उपचार कराने के बावजूद राहत नहीं मिली तो वह मेडिकल कॉलेज के दंत चिकित्सा विभाग पहुंचे। विभागाध्यक्ष डॉ. शिवम यादव, डॉ. गरिमा सिंह और डॉ. अंतरा तिवारी को जांच में इन्फ्लेमेटरी जिंजाइवल ओवरग्रोथ बीमारी मिली। तीनों डॉक्टरों की टीम ने मंगलवार को मरीज का ऑपरेशन किया और करीब 3.4 गुणा 1.3 सेंटीमीटर आकार में बढ़े ऊतक को सर्जरी से हटाया। अतिरिक्त ऊतक की ट्रिमिंग और ड्रेसिंग की गई।
साथ ही अतिरिक्त ऊतक को हिस्टो पैथोलॉजिकल जांच के लिए भेजा। ऑपरेशन में राम विलास यादव व सर्वेंद्र कुमार ने सहयोग किया। प्राचार्य डॉ. जेबी गोगोई ने सफल ऑपरेशन पर टीम को बधाई देते हुए कहा कि चिकित्सा सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। जटिल मामलों का सफल उपचार महाविद्यालय की बढ़ती चिकित्सकीय क्षमता को दर्शाता है।
मरीज को उपचार से मिली राहत
लंबे समय से बढ़े मसूड़ों से परेशान मरीज को सर्जरी के बाद काफी राहत मिली। विभागाध्यक्ष ने कहा कि बीमारी लंबे समय से मरीज की सामान्य जीवनशैली और भोजन करने की क्षमता को प्रभावित कर रही थी। बताया कि विभाग में दंत शल्य चिकित्सा, मसूड़ों के रोग, रूट कैनाल, दांतों की फिलिंग और दर्द रहित दांत निकालने समेत कई चिकित्सीय सेवाएं मरीजों को मिल रही हैं।