अतरौली के जलालपुर गांव में वन विभाग की पकड़ में फिलहाल बाघ नहीं आ सका लेकिन दहशत फैलाने के लिए लोगा के दिलों में जरूर कैद होकर रह गया। वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से सचेत रहने और भ्रामक अफवाह न फैलाने की अपील की है।
बाघ देखे जाने के चार दिनों के बाद भी वहां वन विभाग की टीम को कुछ भी हासिल नहीं हो सका। यहां तक कि बैल को बाघ ने ही खाया इस पर भी वन विभाग अपनी पुष्टि नहीं दे पाया। बताया गया कि चार दिन पूर्व लोगों ने सूचना दी थी कि बाघ ने एक बैल को खा लिया।
जिसके बाद वहां टीम पहुंची लेकिन उसे बाघ होने के साक्ष्य तो नहीं मिले लेकिन इंकार इसलिए टीम नहीं कर पाई क्योंकि पिछले चार माह से यहां बाघ होने की ग्रामीणों द्वारा सूचनाएं दी जाती रही हैं। सोमवार को भी खाली हाथ रहने के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि खुद की रक्षा करें और दूसरों की भी करें लेकिन अफवाह कतई न फैलाए इससे लोगाें में दहशत बढ़ती है।
कोई पुष्टि या देखने पर ही लोगों के बीच बाघ होने की सूचना दें। वन दरोगा जीवनलाल ने बताया कि बाघ यहां था भी इसको लेकर संकेत नहीं मिले। यदि ग्रामीणों की बात सही भी होगी तो भी वह चार दिनों में काफी दूर निकल चुका होगा।