हरदोई। गांवों के विकास और सामग्री खरीदारी के लिए जाने वाले भुगतान में पंचायत सचिव ने गेटवे की अनदेखी कर दी। पंचायत सचिव ने 10 लाख से अधिक का भुगतान मनमाने ढंग से निकाला है। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर गेटवे की दी गई व्यवस्था की अनदेखी करते हुए पंचायत सचिव ने कई फर्मों के नाम भुगतान कर दिए हैं।
गांवों के विकास और सामग्री की खरीदारी के साथ ही अन्य भुगतान के लिए पंचायतीराज विभाग की ओर से ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर गेटवे की व्यवस्था दी है। गेटवे को संबंधित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिवालय कार्यालय से मैप कराते हुए भुगतान किए जाने की अनिवार्यता दी है। पंचायत सचिवों की मनमानी जारी है। ताजा मामला विकास खंड हरियावां की ग्राम पंचायत खटेली, बूढ़ागांव, दूल्हापुर से जुड़ा है। यहां पर किए गए करीब 10 लाख से अधिक रुपये के भुगतान का मिलान गेटवे से नहीं हो रहा है।
पंचायतीराज विभाग की ऑनलाइन व्यवस्था में भुगतान का मिलान न होने से इसमें गड़बड़ी और मनमानी की आशंका जाहिर की गई है। बताया गया कि पंचायत सचिव तेजराम ने हरियावां की ग्राम पंचायत दूल्हापुर, खटेली और बूढ़ागांव में राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग की मद से विभिन्न फर्मों को सामग्री की आपूर्ति के सापेक्ष भुगतान किया गया है।
हरियावां की ग्राम पंचायत खटेली, दूल्हापुर और बूढ़ागांव में बड़ी मात्रा में राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग की मद से किए गए भुगतान का गेटवे से मिलान न होने की जानकारी है। पंचायत सचिव तेजराम ने मनमानी और ई-ग्राम स्वराज पोर्टल की अनदेखी की है। पंचायत सचिव को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया जाएगा। संतोषजनक जवाब न आने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। -विनय कुमार सिंह, डीपीआरओ