खंड विकास अधिकारी द्वारा क्षेत्र पंचायत की बैठक
लगातार तीसरी बार कोरम के अभाव में स्थगित की गई। बीडीओ के बताया कि
उपस्थित रजिस्टर पर 44 के स्थान पर मात्र 25 सदस्यों के ही हस्ताक्षर थे।
कुछ महिलाओं के प्रतिनिधि बैठक में थे, जिनकी उपस्थिति को नहीं माना गया।
ज्ञात
हो कि क्षेत्र पंचायत की बैठक पिछले दो माह से लगातार नहीं हो पा रही है,
जबकि पिछली बैठक संपन्न हुए लगभग 6 माह बीत चुका है। क्षेत्र पंचायत की
बैठक में विकास कार्यों का एजेंडा जारी करना था, लेकिन विकास खंड सभागार
में काफी गहमागहमी के बीच मध्याह्न 12 बजे ब्लाक प्रमुख रमकोरा और बीडीओ
श्रीराम ने बैठक की कार्रवाई के संचालन का कार्य आरंभ किया और करीब 2 घंटे
के इंतजार के बाद बैठक मेें कोरम के मुताबिक बीडीसी सदस्य नहीं पहुंचे।
सभागार की अधिकतर कुर्सियां खाली पड़ी नजर आईं। बीडीओ ने कोरम न पूरा होने
पर ब्लाक प्रमुख से अनुमति लेकर बैठक स्थगित कर दी। इस बाबत बीडीओ ने
बताया कि बैठक न हो पाने से राज्य वित्त आयोग में करीब 30 लाख रुपये और
मनरेगा के अंतर्गत कई लाख रुपयों के प्रस्तावों से विकास कार्य होने हैं और
बैठक न हो के कारण कार्य लंबित है।
उधर, 18 मई, 4 जून, 6 जुलाई की लगातार
तीन बैठकें निरस्त होने के पीछे विकास खंड में राजनीति करने वालों के अहम
की लड़ाई कारण मानी जा रही है। फिलहाल बैठक सत्र के अंतिम दौर में आने वाले
महीनों में चुनाव होने को हैं, ऐसे में विकास के लिए लगने वाला धन बेकार
भी जा सकता है।
उधर, विकास खंड के क्षेत्र पंचायत सदस्य ककरा खेड़ा के
प्रदीप यादव का कहना है कि इस सत्र में लगातार सदस्यों की उपेक्षा हुई है
और उनके प्रस्तावों पर काम नहीं कराये जाते हैं। इसी तरह परसोला के
क्षेत्र पंचायत सदस्य अनुराग सिंह ने आरोप लगाया कि सदस्यों की विकास की
मांग की ब्लाक में अनदेखी की जा रही, जिससे सदस्य नाराज हैं। आरोप लगाया कि
गुटबाजी की राजनीति के कारण बैठक स्थगित हो रही है।