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ाहरी पुताई शानदार, अंदर कमरे में दरक गई दीवार

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रामापुर रहोलिया के प्राथमिक विद्यालय में टोटीविहीन मल्टीपिल हैंडवॉश। संवाद - फोटो : HARDOI
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हरदोई। लॉकडाउन में बंद विद्यालय अब खुल रहे हैं तो इसमें तमाम खामियां भी सामने आई हैं। किसी विद्यालय की फर्श टूटी है तो किसी की दीवारों में दरारें आ गई हैं। कई विद्यालयों की जर्जर छतों के प्लास्टर टूटकर गिर रहे हैं।
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यह हालत तो तब है, जबकि शासन ने सरकारी बजट से विद्यालयों की स्थिति सुधारने के लिए ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए थे। खास बात तो यह है कि बजट खर्च कर स्कूलों का आगे से रंगरोगन तो कर दिया गया, जबकि अंदर की हालत काफी दयनीय है। प्रस्तुत है कुछ विद्यालयों की ग्राउंड रिपोर्ट।
टूटकर गिरता है छत का प्लास्टर
पिहानी विकास खंड के ग्राम चठिया बुजुर्ग में प्राथमिक विद्यालय की हालत बेहद खराब है। चठिया बुजुर्ग प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर हो चुका है।
छत का प्लास्टर टूटकर गिरता रहता है। दीवार भी कई जगह से चटक गई है। इस विद्यालय में 110 बच्चे पढ़ते हैं। इन्हें बैठाने के लिए उच्च प्राथमिक विद्यालय का एक कमरा उधार लिया गया है। विद्यालय की फर्श भी धंस चुकी है।
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टूटा-फूटा मिला शौचालय
बावन विकास खंड की ग्राम पंचायत रामापुर रहोलिया की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है। बेशक रंग-रोगन के मामले में यह विद्यालय अच्छी-अच्छी इमारतों को मात देता नजर आता है, लेकिन जब अंदरूनी हकीकत परखी गई तो ढोल के अंदर पोल मिला। मॉडल शौचालय टूटा-फूटा मिला तो मल्टीपिल हैंडवॉश के लिए की गई व्यवस्था भी अधूरी मिली। टोटियां भी ही नहीं लगी हैं।
विद्यालय में कराए हैं कई कार्य
पिहानी विकास खंड की चठिया बुजुर्ग के ग्राम प्रधान ने कायाकल्प योजना के तहत विद्यालय में कोई कार्य ही नहीं कराया। उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक सतीश मिश्रा ने बताया कि उच्च और प्राथमिक विद्यालय के लिए कंपोजिट ग्रांट के 75 हजार रुपये बेसिक शिक्षा विभाग से मिले थे, जिसे खर्च कर रनिंग वाटर, पेयजल, हैंडवॉश और वायरिंग में खर्च कर दिया गया।
बच्चे खोल ले जाते हैं टोटियां
बावन विकास खंड की ग्राम पंचायत रामापुर रहोलिया की सचिव अंकिता सिंह कहती हैं कि मिशन कायाकल्प के तहत अच्छा कार्य कराया गया। अगर मॉडल शौचालय में कोई खामी है तो उसे दूर करा दिया जाएगा। कुछ टायल्स बच्चों ने तोड़ दिए। रख-रखाव की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की है। उधर, प्रधानाध्यापक अभिनिल सौरभ कहते हैं कि टोटियां गांव के बच्चे खोल ले जाते हैं।
मिशन कायाकल्प के तहत बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जो भी कार्य बताए गए हैं, उन्हें प्राथमिकता से कराने के आदेश सभी ग्राम सचिवों को दिए गए थे।
कुछ स्थानों पर कार्य नहीं हो पाए हैं, लेकिन अधिकांश जगहों पर अच्छा कार्य हुआ है, जहां खामी रह गई है, वहां भी कार्य करा दिया जाएगा।-गिरीश चंद्र, जिला पंचायत राज अधिकारी।

चठिया बुजुर्ग प्राथमिक विद्यालय की कक्षा की छत कुछ ऐसी हो गई। संवाद- फोटो : HARDOI

चठिया बुजुर्ग प्राथमिक विद्यालय की दीवार ऐसे दरकी। संवाद- फोटो : HARDOI

रामापुर रहोलिया में मॉडल शौचालय के अंदर ऐसी है दशा। संवाद- फोटो : HARDOI

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