हरदोई। उच्चतम न्यायालय के अनुसूचित जाति जनजाति आरक्षण में उपवर्गी करण और क्रीमी लेयर के निर्णय के खिलाफ बुधवार को बसपा समेत कई दलों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि इन दलों की ओर से भारत बंद का आवाहन भी किया गया था, लेकिन शहर में बंद का कोई असर नजर नहीं आया। विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
सर्वाेच्च न्यायालय ने बीती एक अगस्त को जारी एक आदेश में कहा था कि राज्य अब अनुसूचित जाति के कोटे में भी कोटा दे सकेंगे। इसके विरोध में नेशनल कनफेडरेशन ऑफ दलित एंड आदिवासी आर्गेनाइजेशन (एनएसीडीओआर) ने भारत बंद का आवाहन किया था। बसपा, भीम आर्मी भारत एकता मिशन, भीम सेना, अंबेडकर एकता मंच, अंबेडकर युवा सेना, बाबा साहब सेवा समिति, आनंद समाज पार्टी, आर्थिक समृद्ध पार्टी, समाजवादी बाबा साहब वाहिनी आदि के कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर पार्क से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च किया। कलेक्ट्रेट परिसर में भी प्रदर्शन किया। डीएम मंगला प्रसाद सिंह को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान एडीएम प्रियंका सिंह, डिप्टी कलक्टर तान्या यादव और विनोद कुमार यादव भी मौजूद रहे। राजनीतिक दलों में बसपा की तरफ से जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह कुशवाहा के नेतृ़त्व में ज्ञापन दिया गया, जबकि समाजवादी बाबा साहब वाहिनी की ओर से ज्ञापन जिलाध्यक्ष शराफत अली की ओर से दिया गया। नेशनल मानवाधिकार चेतना संगठन के अध्यक्ष अवनीश कुमार वर्मा, बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर जन्मोत्सव की सावित्री बौद्ध के नेतृत्व में ज्ञापन दिया गया।
पुलिस से हुई तीखी झड़प
पैदल मार्च और विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों की पुलिस से तीखी झड़प हुई। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र कुमार, सीओ सिटी अंकित मिश्रा, निरीक्षक संजय कुमार पांडेय के साथ ही देहात और शहर कोतवाली की पुलिस भी मुस्तैद रही।