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Hardoi News: एसडीएम पर पथराव में सिर्फ राजनीति गर्म... बाकी सब ठंडा

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हरदोई। शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के परियल में सोमवार शाम ग्रामीणों के पथराव और हमले में घायल एसडीएम सुशील मिश्रा का मामला पूरी तरह ठंडा पड़ गया है। पूरे मामले में न तो कोई प्राथमिकी दर्ज हुई और न ही गांव में अधूरे काम पर पूरा भुगतान लिए जाने के मामले में कोई कार्रवाई हुई है। कुल मिलाकर सब कुछ ठंडा पड़ गया है अगर गर्म है तो सिर्फ राजनीति और इसके पीछे चर्चाओं का दौर।
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शाहाबाद के एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा 11 जून को होने वाले मॉकड्रिल के मद्देनजर बाढ़ से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने सोमवार शाम परियल गांव गए थे। यहां लगे धर्मकांटे पर उन्होंने खनन संबंधी कागज देखे थे। कागज दुरुस्त मिलने पर उन्होंने अन्नपूर्णा भवन और आरआरसी भी देखा था। इन दोनों को लेकर पूछताछ के दौरान जिला पंचायत सदस्य लालाराम राजपूत के पुत्र उदयवीर राजपूत ने एसडीएम को अभद्र भाषा में जवाब दे दिया था। इसके बाद यहां हुए विवाद में ग्रामीणों ने एसडीएम पर हमला कर दिया था। पथराव में एसडीएम का सिर फट गया था और उनके पांच टांके लगे थे।
एसडीएम पर हमले के बाद गांव में पुलिस ने डेरा डाल दिया था। हर कोई उम्मीद कर रहा था कि हमलावरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बावजूद इसके पूरे मामले में मंगलवार रात तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। घटना क्रम को लेकर राजनीतिक माहौल बेहद गर्म है। दरअसल भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्रा सोशल मीडिया पर लालाराम राजपूत के पक्ष में मजबूती से उतर आए और इसके बाद पूरी भाजपा उनके साथ लामबंद हो गई। मामला एसडीएम पर पथराव का था तो सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती ने भी इसे लेकर सवाल उठाए। सवालों के बीच राजनीति गरमा गई, मगर पूरी घटना ठंडी पड़ गई।
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भाजपा राज में उत्तर प्रदेश में हर तरफ टकराहट है। भाजपा ने अपनी भ्रष्ट पक्षपाती और नफरती राजनीति से समाज को हिंसक बना दिया है, जिससे प्रशासनिक अधिकारी तक निशाने पर हैं। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर की है।



यूपी की राजधानी लखनऊ के पड़ोसी जिला हरदोई में एक सरकारी अधिकारी शाहाबाद के एसडीएम श्री सुशील मिश्रा पर सरकारी निरीक्षण के दौरान दबंगों द्वारा ईंट व पत्थर आदि से किया गया जान लेवा हमला दुर्भाग्यपूर्ण है। यह अति चिंताजनक है ऐसी घटनाओं की रोकथाम जरूरी है, ताकि सरकारी कार्याें में कथित भ्रष्टाचार के साथ साथ प्रदेश को अराजक तत्वों से बचाया जा सके। सरकार व्यापक जनहित के मद्देनजर इस ओर जरूर समुचित ध्यान दें।
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