हरदोई। बाजार में महंगी दरों पर हो रही प्याज की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने तीन दिन पहले ही प्याज की स्टॉक लिमिट को लेकर एडवाइजरी जारी की है। साथ ही अधिकारियों से प्याज स्टॉक की जांच के लिए मंडी में कारोबारियों के यहां छापे मरवाए जा रहे हैं। इसके साथ ही मंडी प्रशासन की ओर से व्यापारियों के साथ संयुक्त रूप से मंडियों में स्टॉल लगाकर सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर प्याज की बिक्री कराई जा रही है।
पिछले कुछ समय से बाजार में प्याज 50-60 से रुपये की दर से बिक रहा है। प्रदेश व देश के अन्य हिस्सों में भी यही स्थिति है। प्याज की कालाबाजारी व अवैध भंडारण पर अंकुश लग सके इसके लिए सरकार की ओर से मंगलवार को प्याज की स्टॉक लिमिट को लेकर विशेष एडवाइजरी जारी की गई है। 30 नवंबर तक के लिए जारी किए गए आदेश के तहत थोक व्यापारियों को 50 मीट्रिक टन व फुटकर व्यापारियों को 10 मीट्रिक टन प्याज स्टॉक करने की छूट दी गई है। शासन से निर्देश जारी होने के बाद खाद्य एवं विपणन विभाग की ओर से मंडियों में व्यापारियों की आढ़त व गोदाम पर लगातार छापेमारे जा रहे हैं। इससे इतर शासन के निर्देश पर हरदोई मंडी समेत अन्य मंडियों में भी मंडी प्रशासन द्वारा व्यापारियों के साथ मिलकर स्टॉल लगाकर प्याज की बिक्री कराई जा रही है। इन स्टॉलों पर 30 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेची रही है। अभी प्रति व्यक्ति को एक बार में एक किलो प्याज ही दिया जा रहा है। मंडी सचिव बब्लू लाल ने बताया कि व्यापारियों को निर्धारित दरों पर प्याज बेचने व तय मानक से अधिक प्याज न स्टॉक करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर कहीं कोई गड़बड़ी किए जाने की शिकायत मिली तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
मंडी प्रशासन की ओर से शहर स्थित फल एवं सब्जी मंडी में व्यापारियों के साथ खोले गए स्टॉल पर निर्धारित 30 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज की बिक्री की जा रही है। मंडी सचिव बब्लू लाल ने बताया कि अधिक से अधिक लोग लाभांवित हो सकें, एक किलो प्रति व्यक्ति के हिसाब से प्याज की बिक्री की जा रही है। औसतन से डेढ़ सौ लोग स्टॉल पर आकर प्याज खरीद रहे हैं।