हरदोई। विधानसभा चुनाव के बीच ही विधान परिषद सदस्य स्थानीय निकाय के चुनाव के लिए रणभेरी बज चुकी है । नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है और नामांकन के पहले ही दिन तीन लोगों ने नामांकनपत्र खरीदे।
वर्तमान में संडीला के रहने वाले मिस्वाहुद्दीन एमएलसी है। 2016 में हुए चुनाव में सपा से एमएलसी का चुनाव लड़ने वाले मिस्वाहुद्दीन ने भाजपा के राजकुमार अग्रवाल को हराया था।
इस बार के चुनाव में परिस्थितियां बदली हुई हैं। सत्ता में भाजपा होने के कारण सबसे ज्यादा दावेदार भाजपा में है। सपा में भी सिंटिंग एमएलसी के अलावा कुछ अन्य नामों पर विचार होने की चर्चा है, जबकि सियासी हलकों में चर्चा है कि बसपा एमएलसी चुनाव से किनारा कर सकती है।
ऐसे में एमएलसी चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों को प्रमुख रूप से दलीय गुणा भाग के हिसाब से भाजपा एवं सपा का ही मुख्य रूप से सहारा नजर आ रहे हैं।
यह अलग बात है कि इन दलों में पहले से दावेदारों की भरमार है और एक अनार सौ बीमार वाली कहावत सी चरितार्थ हो रही है। इसके बावजूद दल बदल कर टिकट हासिल करने की चाहत रखने वालों की कोई कमी नहीं है।
सपा जिलाध्यक्ष जितेंद्र वर्मा जीतू का कहना है कि सिटिंग एमएलसी सहित कई के नाम हैं, जिन पर पार्टी हाईकमान के स्तर से विचार चल रहा है। टिकट हाईकमान द्वारा दिया जाना है।
पार्टी प्रत्याशी को पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ाया जाएगा। उन्होंने दावेदारों के नाम बताने को लेकर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
उधर, सियासी जानकारों का कहना है कि सपा के सिंटिग एमएलसी मिस्वाहुद्ददीन के अलावा सपा से संडीला विधानसभा सीट से टिकट मांगने वालों शामिल रहे कुछ दावेदार अब एमएलसी की टिकट के लिए दावा कर रहे हैं।
भाजपा में दावेदारों की सूची काफी लंबी है, जिसमें प्रमुख रूप से संडीला से भाजपा विधायक एवं पूर्व में प्रत्याशी रहे राजकुमार अग्रवाल शामिल हैं। इसके अलावा गत विधानसभा चुनाव में सदर सीट से भाजपा प्रत्याशी रहे राजा बख्स सिंह, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राम बहादुर सिंह, राजीव रंजन मिश्रा, श्रीकृष्ण शास्त्री सहित अन्य बहुत से नाम चर्चा में है।
सूत्रों का कहना है कि भाजपा जातीय समीकरणों सहित संगठन संतुलन एवं सामंजस्य आदि को लेकर मंथन करने के बाद टिकट फाइनल करेगी। किसी ऐसे चेहरे को टिकट मिल सकता है, जिसके नाम पर कोई विवाद एवं असंतोष न होने पाए।
भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी गंगेश पाठक का कहना है कि स्थानीय स्तर पर इस ओर कोई जानकारी नहीं है। पार्टी के निर्णय के बाद सभी लोग मिलकर टिकट पाने वाले को चुनाव लड़ाएंगे।